NEET UG MBBS Success Story : एमबीबीएस फाइनल ईयर की छात्रा कोमल वर्मा सलूजा ने ACP इंडिया चैप्टर का रिसर्चर ऑफ द ईयर अवॉर्ड 2026 दिया गया है। टेनिस चैंपियन रह चुकीं कोमल ने नीट यूजी 2020 में ऑल इंडिया 67वीं रैंक हासिल की थी।
NEET UG MBBS Success Story : नीट यूजी प्रवेश परीक्षा और खेल की दुनिया में धमाल मचाने के बाद राजस्थान की कोमल वर्मा सलूजा ने एमबीबीएस की पढ़ाई में भी शानदार प्रदर्शन कर इतिहास रच दिया है। कोटा गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस फाइनल ईयर की छात्रा कोमल वर्मा सलूजा ने मेडिकल रिसर्च के क्षेत्र में बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्हें अमेरिकन कॉलेज ऑफ फिजिशियंस (ACP) इंडिया चैप्टर का रिसर्चर ऑफ द ईयर अवॉर्ड 2026 दिया गया है। कोमल यह प्रतिष्ठित सम्मान पाने वाली पहली मेडिकल छात्रा है। इसके अलावा सबसे कम उम्र में यह पुरस्कार पाने वाली शख्सियत बन गई हैं। आपको बता दें कि 1915 में स्थापित एसपी दुनिया का सबसे बड़ा मेडिकल स्पेशलिटी संगठन है। यह 172 से अधिक देशों में 1.63 लाख से ज्यादा डॉक्टरों का प्रतिनिधित्व करता है। एसीपी की क्रेडेंशियल कमेटी ने मेडिकल फील्ड में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर रिसर्च के क्षेत्र में कोमल के योगदान को देखते हुए उनका चयन किया।
आपको बता दें कि टेनिस चैंपियन रह चुकीं कोमल ने नीट यूजी 2020 में ऑल इंडिया 67वीं रैंक हासिल की थी और एम्स की एमबीबीएस सीट को ठुकरा कोटा मेडिकल कॉलेज में दाखिला लिया था। इसके बाद वह एमबीबीएस में भी लगातार हर वर्ष बैच में टॉप करती आ रही है।
दो महत्वपूर्ण स्वास्थ्य समस्याओं पर रिसर्च
कोमल का शोध मुख्य रूप से दो महत्वपूर्ण स्वास्थ्य समस्याओं पर केंद्रित है। उनका पहला अध्ययन नेचर साइंटिफिक रिपोर्ट्स में छपा। इसमें मस्तिष्क की एमआरआई इमेज में फ्री सर्फर आधारित कॉर्टिकल थिकनेस माप का इस्तेमाल किया गया। इसका मकसद टाइप-2 डायबिटीज से पीड़ित मरीजों में शुरुआती हेल्थ संबंधी गिरावट के संकेतों की पहचान के लिए एक इमेजिंग मार्कर तलाशना था। उनके दूसरे शोध में रूटीन इकोकार्डियोग्राफी को मेटाबोलिक डिसफंक्शन एसोसिएटेड स्टीटोटिक लीवर डिजिज (MASLD) यानी फैटी लिवर बीमारी की पहचान के लिए एक अतिरिक्त स्क्रीनिंग माध्यम के रूप में इस्तेमाल करने का सुझाव दिया गया। इसमें मरीज को अलग से अस्पताल आने या अतिरिक्त खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ती।
करीब 1.90 लाख की राशि भी मिली
इसी शोध के लिए कोमल को ओरल एब्स्ट्रैक्ट प्रेजेंटेशन का अवसर मिला है। साथ ही, अमेरिकन कॉलेज ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी की ओर से 2,000 डॉलर (करीब 1.90 लाख) का इंटरनेशनल ट्रैवल ग्रांट भी प्रदान किया गया है। इसके जरिए वह अगले महीने अमेरिका के नैशविल, टेनेसी में होने वाली संस्था की वार्षिक वैज्ञानिक बैठक में हिस्सा लेंगी।
कोटा गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. निलेश जैन ने कहा कि कोमल को इतना प्रतिष्ठित वैश्विक पुरस्कार मिलने पर कॉलेज को गर्व है और उनकी उपलब्धि दूसरे विद्यार्थियों को भी प्रेरित करेगी। कोमल ने पुरस्कार अपने मेडिकल कॉलेज के शिक्षकों को समर्पित करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और सहयोग के बिना यह संभव नहीं होता। उनके अनुसार यह पुरस्कार उनके रिसर्च की बड़ी पहचान है।
ये कारनामा करने वाली राजस्थान की पहली छात्रा
कोमल भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के तहत इंडो-यूएस साइंस एंड टेक्नोलॉजी फोरम के खोरेना प्रोग्राम फॉर स्कॉलर्स के लिए चयनित होने वाली राजस्थान की पहली छात्रा भी हैं।
पहले टेनिस में गाड़े झंटे, फिर में नीट में लाई AIR 67
कोमल की उपलब्धियों की कहानी केवल मेडिकल रिसर्च तक सीमित नहीं है। वह नेशनल लेवल की टेनिस खिलाड़ी और दो बार राज्य स्तरीय चैंपियन भी रह चुकी हैं। साल 2020 में महज 18 वर्ष की उम्र में कोमल ने अपने पहले ही प्रयास में नीट यूजी में 720 में से 700 अंक हासिल किए। उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 67 प्राप्त की और कोटा से पहली रैंक हासिल किया।
10वीं और 12वीं में धाकड़ प्रदर्शन
उन्होंने जूनियर स्तर पर 7-8 जिला चैंपियनशिप जीतीं, दो राज्य स्तरीय चैंपियनशिप अपने नाम कीं और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा लिया। पढ़ाई में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने सीबीएसई कक्षा 10वीं में 98.7 प्रतिशत और कक्षा 12 में 98.9 प्रतिशत अंक हासिल किए थे।
एमबीबीएस की लगातार टॉपर, सीएम ने किया था सम्मानित
बीते वर्ष मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर जोधपुर के मेहरानगढ़ किले में आयोजित एट होम समारोह के दौरान कोटा की मेडिकल छात्रा कोमल को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया था। चिकित्सा विज्ञान, अंतरराष्ट्रीय शोध योगदान और खेल क्षेत्र में उनकी उपलब्धियों के लिए यह सम्मान दिया गया। कोमल ने राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज की एमबीबीएस प्रोफेशनल परीक्षाओं में लगातार शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 2023 की एमबीबीएस प्रोफेशनल परीक्षा में सर्वाधिक अंक हासिल कर रिकॉर्ड बनाया। उनकी उपलब्धियों में खेल और शोध दोनों शामिल रहे।
माता पिता दोनों हैं डॉक्टर
डॉक्टर परिवार से आने वाली कोमल ने बचपन से ही अपने माता-पिता को मरीजों की सेवा करते देखा। उनके पिता मनोज सलूजा कोटा शहर के बड़े डॉक्टर हैं, जबकि उनकी मां अंजू सलूजा रेडियोलॉजिस्ट हैं।
एम्स की एमबीबीएस सीट ठुकराई, कार्डियोलॉजिस्ट बनना चाहती हैं
भारत में बढ़ते हृदय रोग के मामलों को देखते हुए कोमल कार्डियोलॉजिस्ट बनना चाहती हैं। नीट में शानदार रैंक के कारण उनके पास एम्स जैसे संस्थानों का ऑप्शन भी था, लेकिन वह कोटा में रहकर ही कोटा मेडिकल कॉलेज से डॉक्टरी की पढ़ाई करना चाहती थीं।


