Tomato Farming Tips: टमाटर की खेती करने वाले किसानों के साथ अक्सर एक अजीब समस्या होती है. पौधे में फूल अच्छे आते हैं टमाटर भी बड़े मजे से लगने शुरू होते हैं. लेकिन जैसे ही उनका साइज थोड़ा बढ़ता है, वे नीचे से काले या भूरे होकर सड़ने लगते हैं. हरा-भरा टमाटर अचानक नीचे से गल जाता है और देखते ही देखते पूरी मेहनत पर पानी फिर जाता है.
कई लोग इसे कोई गंभीर बीमारी या कीड़े का हमला समझकर धड़ाधड़ महंगी दवाइयां और कीटनाशक छिड़कने लगते हैं. लेकिन सच तो यह है कि यह कोई कीड़ा नहीं, बल्कि पौधे के अंदर एक खास पोषक तत्व की कमी का साफ इशारा है. अगर समय रहते इस कमी को नहीं पहचाना गया, तो आपके पौधे में जितने भी नए टमाटर आएंगे,वे सब इसी तरह पकने से पहले ही बर्बाद हो जाएंगे.
नीचे से क्यों सड़ने लगते हैं टमाटर?
टमाटर के नीचे की तरफ काले या भूरे धब्बे पड़ने और उसके सड़ने की इस समस्या को खेती की भाषा में ब्लॉसम एंड रॉट कहा जाता है. यह समस्या पौधे में कैल्शियम की कमी की वजह से होती है. जब टमाटर का फल बढ़ रहा होता है. तो उसकी सेल्स की दीवारों को मजबूत बनाने के लिए भारी मात्रा में कैल्शियम की जरूरत होती है.
अगर मिट्टी में कैल्शियम कम हो या पौधा उसे जड़ों के जरिए सोख न पा रहा हो तो टमाटर के निचले हिस्से के टिशू टूटने लगते हैं और वह सड़ जाता है. कई बार मिट्टी में कैल्शियम होने के बाद भी पानी की कमी या बहुत ज्यादा गर्मी के कारण जड़ें इसे ऊपर तक नहीं पहुंचा पातीं जिससे फल खराब होने लगते हैं.
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इस कमी को दूर करने के आसान उपाय
टमाटर को इस सड़न से बचाने के लिए सबसे पहले पौधे को रेगुलर और सही मात्रा में पानी देना शुरू करें. मिट्टी को कभी बहुत ज्यादा सूखा या बहुत ज्यादा दलदली न छोड़ें, क्योंकि पानी का उतार-चढ़ाव ही कैल्शियम की सप्लाई को रोकता है. इसके अलावा पौधे के आसपास की मिट्टी में चूना या जिप्सम मिलाएं, जिसमें भरपूर मात्रा में कैल्शियम होता है.
घरेलू नुस्खे के तौर पर आप अंडों के छिलकों को सुखाकर और पीसकर मिट्टी में मिला सकते हैं. बाजार में मिलने वाले लिक्विड कैल्शियम नाइट्रेट का स्प्रे पत्तों और फलों पर करने से यह कमी बहुत तेजी से पूरी होती है. ध्यान रखें कि इस दौरान खेत में बहुत ज्यादा नाइट्रोजन वाली खाद न डालें क्योंकि इससे पत्तियां तो खूब बढ़ती हैं लेकिन फल सड़ने लगते हैं.
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