
बरसात के सीजन में प्याज उगाने के लिए सबसे पहली शर्त है सही किस्मों का चुनाव करना. अगर आप गलत बीज चुन लेते हैं,तो बारिश का पानी फसल को बर्बाद कर सकता है. कृषि वैज्ञानिक हमेशा ऐसी वैराइटीज की सलाह देते हैं जो ज्यादा नमी और पानी के भराव को आसानी से बर्दाश्त कर सकें और रोगमुक्त रहें.

मानसून के लिए पहली सबसे भरोसेमंद किस्म है एन-53. यह वैराइटी खरीफ सीजन के लिए एकदम परफेक्ट मानी जाती है. इसके कंद गहरे लाल रंग के और गोल होते हैं. लगभग 90 से 100 दिनों में यह फसल तैयार हो जाती है,जिससे किसानों को कम समय में ही मंडी से काफी बढ़िया भाव मिल जाता है.

दूसरी बेहतरीन वैराइटी है भीमा डार्क रेड जो किसानों के बीच बहुत ज्यादा पॉपुलर है. इस किस्म की सबसे बड़ी खासियत इसका गहरा लाल रंग और साइज काफी अच्छा है. जो खरीदारों को तुरंत पसंद आ जाता है. यह फसल बारिश के मौसम में होने वाली फंगल बीमारियों से लड़ने में काफी मजबूत होती है और पैदावार भी तगड़ी देती है.

तीसरी सबसे खास किस्म है एग्रीफाउंड डार्क रेड. मानसून के दौरान अगर आप रिस्क फ्री खेती करना चाहते हैं. तो यह वैराइटी आपके लिए बेस्ट ऑप्शन है. यह किस्म करीब 100 से 110 दिनों में पककर तैयार होती है और इसकी शेल्फ लाइफ भी काफी अच्छी होती है यानी इसे काफी टाइम तक स्टोर करके भी रखा जा सकता है.

मानसून में प्याज उगाने के लिए सिर्फ बीज ही नहीं बल्कि खेत में पानी निकलने की व्यवस्था सही होना बहुत जरूरी है. खेत में पानी जमा नहीं होना चाहिए वरना कंद सड़ने का खतरा बढ़ जाता है. इसके लिए हमेशा ऊंची उठी हुई क्यारियों पर ही नर्सरी और पौधों की रोपाई करनी चाहिए जिससे एक्स्ट्रा पानी बह जाए.

अगर आप इन तीनों में से किसी भी किस्म को चुनते हैं और सही तकनीक अपनाते हैं. तो मानसून में प्याज की पैदावार रिकॉर्ड तोड़ होगी. ऑफ-सीजन होने की वजह से इस दौरान मार्केट में प्याज के रेट काफी हाई रहते हैं, जिससे किसानों को अपनी लागत का कई गुना ज्यादा प्रॉफिट आसानी से मिल जाता है.
Published at : 24 Jul 2026 06:07 PM (IST)


