Wednesday, June 10, 2026
Google search engine
Homeकृषि समाचारप्रचंड गर्मी के बीच कैसे तैयार करें धान की नर्सरी, जानें क्या...

प्रचंड गर्मी के बीच कैसे तैयार करें धान की नर्सरी, जानें क्या कहते हैं कृषि एक्सपर्ट्स?


Paddy Nursery Tips: खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही किसान धान की नर्सरी की तैयारी में जुट गए हैं. लेकिन इस बार मई-जून की रिकॉर्डतोड़ गर्मी और 44 डिग्री तक पहुंच रहा तापमान भारी मुसीबत बन गया है. इतनी भीषण गर्मी में धान के बीजों का अंकुरण कमजोर होने और पौधों के झुलसकर पीले पड़ने का खतरा बहुत ज्यादा रहता है. कृषि एक्सपर्ट्स का कहना है कि धान के बेहतर विकास के लिए 30 से 35 डिग्री का तापमान बेस्ट होता है.

पर मौजूदा हालात में यह काफी ज्यादा है. ऐसे में अगर सही तकनीक और वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल न किया जाए तो पूरी फसल बर्बाद हो सकती है. हालांकि, सही समय और कुछ खास सावधानियों को ध्यान में रखकर इस तपती गर्मी में भी एकदम तंदुरुस्त और बेहतरीन नर्सरी तैयार की जा सकती है. 

खेत की खास तैयारी

एक्सपर्ट्स के मुताबिक भीषण गर्मी से बचने के लिए लंबी अवधि वाली धान की किस्मों की नर्सरी मई के आखिरी हफ्ते में और मध्यम अवधि वाली किस्मों की बुवाई 10 से 15 जून तक कर लेनी चाहिए. सबसे जरूरी बात यह है कि तेज धूप और लू के थपेड़ों से बचाने के लिए नर्सरी हमेशा शाम के समय ही डालें. 

सही समय का चुनाव

नर्सरी के लिए खेत का चुनाव करते समय ध्यान रखें कि वहां पेड़ों या बाग-बगीचों की प्राकृतिक छाया हो या फिर इसे मक्का और बाजरा जैसी फसलों के किनारे तैयार करें. बुवाई से पहले खेत की अच्छी जुताई करें और प्रति 3 डिसमिल जमीन में 5 टोकरी सड़ी हुई गोबर की खाद, पोटाश, डीएपी, यूरिया, सल्फर और सरसों की खली का मिक्सचर जरूर मिलाएं.

यह भी पढ़ें: गर्मी की वजह से सूख रही तुलसी तो न हों परेशान, इन तरीकों से हमेशा रहेगी हरी-भरी

बीज का उपचार 

स्वस्थ नर्सरी के लिए बीजों का सही ट्रीटमेंट करना बेहद जरूरी है. बुवाई से पहले धान के बीजों को करीब 6 से 8 घंटे तक फफूंदनाशक और एंटीबायोटिक घोल में भिगोकर रखें. फिर उन्हें निकालकर एक नम कपड़े में बांध दें ताकि अंकुरण अच्छे से हो सके. गर्मी के मौसम में सिंचाई का तरीका सबसे ज्यादा मायने रखता है. 

सिंचाई का सही तरीका

नर्सरी में पानी हमेशा शाम के वक्त ही लगाएं और सुबह के समय खेत में जमा एक्स्ट्रा पानी को बाहर निकाल दें. दोपहर की तेज धूप में भूलकर भी सिंचाई न करें वरना गर्म पानी से नाजुक पौधे पूरी तरह जल जाएंगे. जब नर्सरी 21 से 25 दिन की हो जाए तब वैज्ञानिक दूरी का ध्यान रखते हुए मुख्य खेत में इसकी रोपाई कर दें.

यह भी पढ़ें: Clove Farming At Home: किचन गार्डन में कैसे कर सकते हैं लौंग की खेती? पूजा-पाठ से लेकर खाना बनाने में आएंगी काम



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments