National Horticulture Mission Scheme: पारंपरिक फसलों के चक्कर में पड़कर कई बार किसान भाई उतनी कमाई नहीं कर पाते जितनी वे मेहनत करते हैं. अगर आप भी लकीर का फकीर बनने के बजाय कुछ नया और बड़ा करना चाहते हैं. तो राष्ट्रीय बागवानी मिशन (National Horticulture Mission) आपके लिए फायदे का सौदा साबित हो सकता है. इस योजना का मकसद किसानों को गेहूं-चावल जैसी पारंपरिक खेती से हटाकर फल, फूल, सब्जी और मसालों की खेती की तरफ लाना है.
जहाँ मुनाफे की कोई लिमिट नहीं है. सरकार जानती है कि बागवानी में रिस्क और लागत थोड़ी ज्यादा होती है, इसलिए वह नए बाग लगाने से लेकर फसल को सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज बनाने तक पर लाखों रुपये का फंड और भारी सब्सिडी दे रही है. यह सिर्फ एक सरकारी स्कीम नहीं, बल्कि किसानों को बिजनेसमैन बनाने का एक शानदार मौका है.
नए बाग लगाने और नर्सरी के लिए तगड़ी मदद
बागवानी की शुरुआत हमेशा एक अच्छे पौधे और सही जमीन से होती है. राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत अगर आप आम, अमरूद, नींबू या किसी भी फल का नया बाग लगाना चाहते हैं, तो सरकार आपको पौध रोपण और उसकी देखरेख के लिए आर्थिक सहायता देती है. यही नहीं, अगर आप खुद की नर्सरी शुरू करना चाहते हैं ताकि दूसरे किसानों को बढ़िया पौधे बेच सकें, तो उसके लिए भी सरकार लाखों रुपये का लोन और सब्सिडी प्रोवाइड करती है. इससे आपकी लागत कम हो जाती है और आप शुरुआत से ही फायदे में रहते हैं.
- ड्रिप इरिगेशन और ग्रीन हाउस बनाने के लिए भी इस मिशन के तहत अलग से बजट मिलता है.
- हाइब्रिड बीजों और नई तकनीक को अपनाने पर सरकार किसानों का पूरा साथ देती है.
इस मदद से छोटे किसान भी बड़े लेवल पर हाई-टेक फार्मिंग शुरू कर सकते हैं.
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फसल को खराब होने से बचाने के लिए कोल्ड स्टोरेज
बागवानी फसलों के साथ सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि ये बहुत जल्दी खराब हो जाती हैं. अक्सर मजबूरी में किसानों को अपनी फसल औने-पौने दाम पर बेचनी पड़ती है. लेकिन अब घबराने की जरूरत नहीं है! सरकार कोल्ड चैन बनाने पर बहुत जोर दे रही है. राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत कोल्ड स्टोरेज, कूलिंग चैंबर और रेफ्रिजरेटेड वैन खरीदने के लिए भारी भरकम सब्सिडी दी जा रही है. जब आपके पास अपनी फसल स्टोर करने की सुविधा होगी, तो आप मार्केट रेट बढ़ने पर ही अपना माल बेचेंगे, जिससे आपका सीधा प्रॉफिट बढ़ेगा.
- छोटे पैक हाउस बनाने के लिए भी सरकार की तरफ से फाइनेंशियल सपोर्ट मिलता है.
- अपनी फसल की खुद ग्रेडिंग और पैकिंग करके आप उसे सीधे बड़े शहरों या मॉल में सप्लाई कर सकते हैं.
यह इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट किसानों को बिचौलियों के चंगुल से आज़ाद करने की एक बड़ी कोशिश है.
मसालों और फूलों की खेती से होगी साल भर कमाई
सिर्फ फल ही नहीं, इस मिशन के तहत फूलों और मसालों की खेती को भी जबरदस्त बढ़ावा दिया जा रहा है. आजकल शादियों और इवेंट्स की वजह से फूलों की डिमांड आसमान छू रही है, वहीं भारतीय मसालों की मांग पूरी दुनिया में है. अगर आप हल्दी, अदरक, मिर्च या औषधीय पौधों की खेती करते हैं, तो सरकार आपको प्रोसेसिंग यूनिट लगाने में भी मदद करती है. इससे आप कच्चा माल बेचने के बजाय उसका पाउडर या पेस्ट बनाकर बेच सकते हैं, जिससे आपकी तकदीर और जेब दोनों चमक सकती हैं.
- फूलों की खेती के लिए पॉलीहाउस लगाने पर 50% से ज्यादा की सब्सिडी मिलती है.
- ट्रेनिंग और टेक्निकल जानकारी के लिए सरकार की तरफ से वर्कशॉप भी आयोजित की जाती हैं.
सही प्लानिंग और सरकारी फंड का इस्तेमाल करके आप अपनी साधारण सी जमीन को सोने की खान में बदल सकते हैं.
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