Saturday, July 25, 2026
Google search engine
Homeचुनावबंगाल में कांग्रेस और लेफ्ट को भी मिल गई 'इत्ती सी खुशी',...

बंगाल में कांग्रेस और लेफ्ट को भी मिल गई ‘इत्ती सी खुशी’, पांच साल बाद खत्म हुआ वनवास, West-bengal Hindi News


पांच साल के बाद बंगाल में कांग्रस और लेफ्ट का भी वनवास खत्म हुआ है। 2021 में दोनों के खाते में एक भी सीट नहीं आई थी। इस बार दोनों ने ही मुर्शिदाबाद में दो-दो सीटों पर जीत दर्ज की है। 

पश्चिम बंगाल में पिछले चुनाव में बीजेपी तो हारी थी लेकिन लेफ्ट और कांग्रेस का तो सूपड़ा ही साफ हो गया था। इस बार कांग्रेस को दो तो वहीं सीपीआई (M) को एक सीट पर सफलता मिली है। मुर्शिदाबाद में कांग्रेस ने दो सीटें जीती हैं। इसी जिले में सीपीआई (M) भी खाता खोलने में कामयाब हो पाई है। सीपीएम ने डोमकाल सीट जीती है तो वहीं कांग्रेस ने फरक्का और रानीनगर सीट पर कब्जा किया है। बता दें कि 2021 से पहले कांग्रेस और लेफ्ट मिलकर ही चुनाव लड़ रहे थे लेकिन बाद में उनके रास्ते अलग हो गए।

2021 में नहीं खुला था खाता

पश्चिम बंगाल में कांग्रेस और लेफ्ट ही टीएमसी के विकल्प थे। 2011 से पहले बीजेपी कभी बंगाल के विधानसभा चुनाव में खाता भी नहीं खोल पाई थी। हालांकि हालात आज एकदम उलट हो गए हैं। कांग्रेस और सीपीएम 2021 के चुनाव में खाता खोलने में भी कामयाब नहीं हो पाई थी। बातत करें 2016 के विधानसभा चुनाव की तो कांग्रेस ने 44 तो वहीं लेफ्ट ने 32 सीटें जीती थीं। पांच ही साल में हाल यह हुआ को दोनों खाता खोलने को तरस गईं।

सीपीएम के सहयोगी दल ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट ने भी एक सीटी जीती है। इस प्रकार लेफ्ट की कुल दो सीटें हो गई हैं। भांगड़ सीट प नौशाद सिद्दीक ने टीएमसी के शौकत मुल्ला को हराया है। मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद में इन सीटों के साथ कांग्रेस और सीपीएम ने टीएमसी का ही नुकसान किया है। 2021 में टीएमसी ने मुर्शिदाबाद की 22 में से 20 सीटें जीती थीं। इस बार हाल यह है कि टीएमसी के खाते में केवल 9 ही सीटें गई हैं।

कांग्रेस के बड़े चेहरे हार गए चुनाव

बंगाल में कांग्रेस के दिग्गज नेता अधीर रंजन चौधरी और बंगाल इकाई के अध्यक्ष शुभांकर सरकार और मौसम बेनजीर नूर भी अपनी सीट नहीं जीत पाई। चुनाव परिणाम के बाद राहुल गांधी ने कहा, कुछ लोग पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की हार पर जश्न मना कर गलत कर रहे है क्योंकि यह हार ‘वोट चोरी’ का परिणाम है और लोकतंत्र के लिए सबसे खतरनाक स्थिति है।

गांधी ने मंगलवार को सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि कांग्रेस के भीतर और बाहर कुछ लोग टीएमसी की हार पर खुशी जता रहे हैं लेकिन उन्हें यह समझना चाहिए कि असम और पश्चिम बंगाल के जनादेश में ‘चोरी’ हुई है और यह चोरी भारतीय जनता पार्टी के लोकतंत्र को कमजोर करने के मिशन की दिशा में बड़ा कदम है।



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments