Tomato Farming Tips: मानसून की बारिश खेती के लिए जितनी राहत लाती है, टमाटर उगाने वाले किसानों के लिए उतनी ही बड़ी टेंशन भी बन जाती है. अक्सर देखा जाता है कि बारिश के मौसम में पौधे में लगे-लगे ही टमाटर फटने लगते हैं या फिर सड़कर खराब होने लगते हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह होती है मिट्टी में अचानक पानी का लेवल बढ़ना और न्यूट्रिएंट्स का असंतुलित होना.
जब लंबे सूखे के बाद अचानक तेज बारिश होती है. तो फल अंदर से बहुत तेजी से पानी सोखते हैं. लेकिन उनकी बाहर की स्किन उतनी तेजी से फैल नहीं पाती और फल फट जाते हैं. अगर समय रहते सही कदम न उठाए जाएं. तो आपकी महीनों की मेहनत पर पानी फिर सकता है और भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है.
फल फटने की समस्या से कैसे बचाएं अपना पौधा?
टमाटर को फटने से बचाने के लिए सबसे पहला और जरूरी कदम है वॉटर मैनेजमेंट यानी सिंचाई का सही तालमेल बैठाना. अगर आपके खेत में पानी जमा हो रहा है. तो तुरंत ड्रेनेज यानी जल निकासी का पक्का इंतजाम करें. इसके अलावा पौधे की जड़ों के पास की मिट्टी में हमेशा नमी का एक जैसा बैलेंस बनाए रखें जिससे बारिश होने पर पौधा अचानक बहुत ज्यादा पानी न सोखे.
इसके साथ ही एक्सपर्ट्स यह सलाह भी देते हैं कि बारिश के सीजन में मिट्टी में कैल्शियम और बोरॉन की सही मात्रा बनाए रखें. क्योंकि इनकी कमी से भी फल की स्किन कमजोर होकर फटने लगती है. पौधे के आसपास सूखी घास या पत्तों की मल्चिंग करने से भी मिट्टी की नमी बनी रहती है और फल सुरक्षित रहते हैं.
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पौधों को सहारा दें और बीमारी से बचाएं
बारिश के दिनों में टमाटर के पौधों का जमीन से छूना सबसे खतरनाक साबित होता है. गीली मिट्टी के संपर्क में आते ही फलों में फंगस लग जाती है और वह सड़ने लगते हैं. इसलिए पौधों को डंडों या सुतली की मदद से बांधकर सीधा खड़ा रखें जिसे स्टैकिंग कहते हैं. इससे फल जमीन से ऊपर हवा में लटके रहेंगे और गीले होकर सड़ने से बचेंगे.
इसके अलावा पौधे के निचले हिस्से की उन पत्तियों को कैंची से काट दें जो जमीन को छू रही हों. ऐसा करने से हवा का सर्कुलेशन बेहतर होता है और फंगल इंफेक्शन का खतरा काफी हद तक टल जाता है. समय-समय पर जैविक फफूंदनाशी का हल्का स्प्रे करके आप पूरी बारिश अपने टमाटर की फसल को एकदम हेल्दी रख सकते हैं.
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