Goat Fodder Tips: बरसात का मौसम बकरी पालन के लिए सबसे मुश्किल समय माना जाता है. इस दौरान नमी बढ़ने, कीचड़, गंदे पानी और बैक्टीरिया के तेजी से फैलने की वजह से बकरियों में बुखार, दस्त, निमोनिया और दूसरे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. अगर इस मौसम में खानपान पर खास ध्यान न दिया जाए तो उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर पड़ने लगती है.
ऐसे में पशुपालकों को सिर्फ दवाओं पर निर्भर रहने के बजाय बकरियों की डाइट में कुछ प्राकृतिक और पोषक पत्तियों को भी शामिल करना चाहिए. इनमें मौजूद विटामिन, मिनरल और औषधीय गुण शरीर की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने में मदद करते हैं. हालांकि कोई भी नई पत्ती का चारा स्थानीय पशु चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही खिलाना बेहतर रहता है.
इन पत्तियों से मिल सकता है बड़ा फायदा
बरसात के मौसम में सहजन, अमरूद, गिलोय, नीम और बरगद जैसी कई पेड़ों की पत्तियां बकरियों के लिए फायदेमंद मानी जाती हैं. सहजन की पत्तियां प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन से भरपूर होती हैं, जो शरीर को ताकत देने में मदद करती हैं. अमरूद की पत्तियां पाचन को बेहतर रखने में सहायक मानी जाती हैं.
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वहीं गिलोय और नीम की पत्तियों में ऐसे गुण पाए जाते हैं. जो संक्रमण से लड़ने की क्षमता बढ़ाने में मदद कर सकते हैं. इन पत्तियों को हमेशा साफ और ताजा अवस्था में ही खिलाएं. सड़ी-गली या फफूंद लगी पत्तियां खिलाने से फायदा होने की बजाय नुकसान हो सकता है.
देखभाल भी है उतनी ही जरूरी
बरसात में बकरियों को स्वस्थ रखने के लिए साफ-सफाई पर खास ध्यान देना चाहिए. बाड़े में पानी जमा न होने दें और फर्श को सूखा रखने की कोशिश करें. पीने के लिए हमेशा साफ पानी उपलब्ध कराएं और गीला या खराब चारा बिल्कुल न खिलाएं. समय-समय पर कृमिनाशक दवा और जरूरी टीकाकरण भी करवाएं जिससे मौसमी बीमारियों का खतरा कम रहे.
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अगर किसी बकरी में सुस्ती, भूख कम लगना या तेज बुखार जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें. संतुलित आहार, साफ माहौल और नियमित देखभाल के साथ बकरियां पूरे बारिश के मौसम में स्वस्थ रह सकती हैं.
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