Pashu Kisan Credit Card: आजकल खेती के साथ-साथ पशुपालन कमाई का एक बहुत बड़ा जरिया बन गया है. खास तौर पर उन किसानों के लिए जो गाय या भैंस पालकर अपना गुजारा करते हैं, सरकार ‘पशु किसान क्रेडिट कार्ड’ (PKCC) स्कीम लेकर आई है. यह योजना बिल्कुल खेती वाले केसीसी (KCC) की तरह काम करती है.
लेकिन इसका फोकस पूरी तरह से पशुपालकों पर है. सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि इस कार्ड के जरिए लोन लेने के लिए किसानों को अपनी जमीन या कोई कीमती सामान गिरवी रखने की जरूरत नहीं पड़ती. यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था में जान फूंकने और छोटे किसानों की किस्मत चमकाने के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो रही है.
बिना गारंटी मिलेगा 1.60 लाख तक का लोन
पशु किसान क्रेडिट कार्ड की सबसे अच्छी बात इसकी कोलेटरल फ्री सुविधा है. यानी अगर आप 1.60 लाख रुपये तक का लोन लेते हैं. तो आपको बैंक के पास गारंटी के तौर पर कुछ भी गिरवी नहीं रखना होगा. सरकार चाहती है कि जो किसान आर्थिक तंगी की वजह से नए पशु नहीं खरीद पाते या उनके चारे का इंतजाम नहीं कर पाते.
उन्हें साहूकारों के चंगुल से बचाया जा सके. इस स्कीम के तहत मिलने वाली राशि का इस्तेमाल आप गाय, भैंस, भेड़, बकरी या मछली पालन के लिए कर सकते हैं. यह सुविधा उन भूमिहीन किसानों के लिए भी वरदान है जो दूसरों की जमीन पर या छोटे स्तर पर डेयरी फार्मिंग करते हैं.
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ब्याज दर पर सब्सिडी का फायदा
इस योजना के तहत मिलने वाला लोन न केवल आसान है. बल्कि बेहद सस्ता भी है. आमतौर पर बैंक इस पर 7% की दर से ब्याज लेते हैं. लेकिन अगर आप अपने लोन की किश्तें समय पर चुकाते हैं. तो केंद्र सरकार की तरफ से आपको 3% की अतिरिक्त छूट मिलती है. इसका मतलब है कि प्रभावी रूप से आपको सिर्फ 4% सालाना ब्याज देना होगा.
जो कि बाजार में मिलने वाले किसी भी अन्य पर्सनल या बिजनेस लोन से काफी कम है. यह ब्याज दर इतनी कम रखी गई है जिससे किसान बिना किसी भारी बोझ के अपने पशुपालन व्यवसाय को बढ़ा सकें और अपनी डेली इनकम में इजाफा कर सकें.
आवेदन की प्रोसेस
पशु किसान क्रेडिट कार्ड बनवाना अब बहुत सरल हो गया है. इसके लिए आपको अपने नजदीकी सरकारी या कमर्शियल बैंक में जाकर आवेदन करना होगा. जरूरी दस्तावेजों की बात करें तो आपके पास आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी और पासपोर्ट साइज फोटो होनी चाहिए. इसके अलावा बैंक आपसे पशुओं के स्वास्थ्य प्रमाण पत्र या उनके टैगिंग की जानकारी भी मांग सकता है.
फॉर्म भरने के बाद बैंक के अधिकारी आपके आवेदन की जांच करेंगे और सब कुछ सही पाए जाने पर आपका कार्ड इशू कर दिया जाएगा. एक बार कार्ड बन जाने के बाद आप अपनी जरूरत के हिसाब से कैश लिमिट का इस्तेमाल कर सकते हैं.
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