PM Fasal Bima Yojana: खेती-किसानी में सबसे बड़ा डर मौसम का होता है. महीनों की कड़ी मेहनत और पसीने से सींची गई फसल को बर्बाद होने में चंद मिनटों की बेमौसम बारिश या ओलावृष्टि ही काफी होती है. ऐसे में किसान न सिर्फ अपनी फसल खोता है, बल्कि कर्ज के बोझ तले भी दब जाता है. इसी जोखिम को कम करने के लिए सरकार की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसी सुरक्षा कवच से कम नहीं है.
यह योजना किसानों को कुदरत के कहर से होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाती है और उन्हें फिर से खड़े होने की हिम्मत देती है. चाहे सूखा पड़े या बाढ़ आए अब किसानों को अपनी जमापूंजी डूबने की चिंता करने की जरूरत नहीं है. चलिए आपको बताते हैं कि यह योजना कैसे काम करती है और आप इसका लाभ उठाकर अपनी खेती को कैसे सुरक्षित बना सकते हैं.
मामूली प्रीमियम में बंपर सेफ्टी कवर
इस योजना की सबसे बड़ी खूबी इसका बेहद कम प्रीमियम है. जिसे कोई भी छोटा किसान आसानी से भर सकता है. आपको अपनी फसल का बीमा कराने के लिए बहुत मामूली रकम देनी होती है. जबकि नुकसान होने पर मिलने वाली क्लेम राशि काफी बड़ी होती है. खरीफ की फसलों के लिए सिर्फ 2% और रबी की फसलों के लिए 1.5% प्रीमियम तय किया गया है, वहीं कमर्शियल या बागवानी फसलों के लिए यह 5% है.
- बाकी की प्रीमियम राशि सरकार खुद वहन करती है जिससे किसान पर बोझ न पड़े.
- बुवाई से लेकर कटाई के बाद तक के नुकसान को इस बीमा के दायरे में रखा गया है.
यह योजना सुनिश्चित करती है कि अगर प्रकृति साथ न दे. तो कम से कम सरकार किसान का साथ निभाए.
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इन आपदाओं में मिलता है क्लेम का पूरा पैसा
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सिर्फ सूखे या बाढ़ तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कई तरह की प्राकृतिक आपदाओं को कवर किया गया है. यदि बेमौसम बरसात, ओलावृष्टि, लैंडस्लाइड या आसमानी बिजली गिरने से आपकी खड़ी फसल बर्बाद होती है, तो आप क्लेम के हकदार होते हैं. इसके अलावा, कटाई के बाद अगले 14 दिनों तक अगर खेत में सूख रही फसल को बेमौसम बारिश से नुकसान पहुंचता है, तो भी किसान को मुआवजा दिया जाता है.
- स्थानीय आपदाओं जैसे जलभराव या बादलों के फटने से हुए नुकसान की भरपाई भी इसके तहत मुमकिन है.
- ध्यान रहे कि बीमा का लाभ पाने के लिए नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर देना अनिवार्य है.
यह योजना किसान को हर उस अनिश्चितता से बचाती है जो उसके बस में नहीं होती.
ऐसे करें योजना में आवेदन
इस योजना से जुड़ना अब बहुत आसान हो गया है और आप घर बैठे भी आवेदन कर सकते हैं. किसान इसके आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं या अपने नजदीकी सीएससी (CSC) सेंटर, बैंक या सहकारी समिति की मदद ले सकते हैं. आवेदन के लिए आपको अपनी जमीन के कागजात, आधार कार्ड, बैंक पासबुक की फोटोकॉपी और बुवाई का प्रमाण पत्र जैसे कुछ बेसिक दस्तावेजों की जरूरत होगी.
- बैंक से लोन लेने वाले किसानों का बीमा अक्सर बैंक के जरिए ही कर दिया जाता है.
- जो किसान कर्जदार नहीं हैं. वे भी अपनी इच्छा से इस योजना का हिस्सा बनकर फसल सुरक्षित कर सकते हैं.
सही समय पर किया गया छोटा सा रजिस्ट्रेशन आपकी पूरी साल की कमाई और मेहनत को सुरक्षित बना सकता है.
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