
अगर इस मौसम में नए पौधों की सही देखभाल न की जाए तो तेज धूप के चलते वे बहुत जल्दी सूखकर दम तोड़ देते हैं. इसी बड़ी परेशानी से बागवानों को बचाने के लिए एग्रीकल्चर एक्सपर्ट्स ने कुछ बेहतरीन सीक्रेट टिप्स शेयर किए हैं. इन आसान तरीकों को अपनाकर आप अपने कीमती पौधों को झुलसने से बचा सकते हैं.

एक्सपर्ट्स के मुताबिक नए फलदार पौधों को गर्मी से बचाने का सबसे पहला और असरदार तरीका है मल्चिंग करना. इसके लिए आपको पौधों के तने के चारों तरफ सूखी घास, पुआल या गन्ने की पत्तियों की एक मोटी लेयर बिछानी होगी. यह लेयर धूप को सीधे मिट्टी तक नहीं पहुंचने देती जिससे नमी ब्लॉक रहती है.

दूसरा सबसे जरूरी काम है पानी देने का सही समय तय करना. चिलचिलाती धूप में दोपहर के वक्त पौधों को पानी देने की गलती भूलकर भी न करें, इससे जड़ें सड़ सकती हैं. पौधों की सिंचाई हमेशा सुबह के वक्त या फिर शाम को सूरज ढलने के बाद ही करें. जिससे उन्हें पानी सोखने का पूरा समय मिले.

तेज गर्म हवाओं और लू के थपेड़ों से बचाने के लिए नए पौधों के चारों तरफ ग्रीन नेट बनाकर शेड यानी छाया का इंतजाम करें. इसके अलावा बाग के चारों तरफ हवा की रफ्तार कम करने वाले घने पेड़, जैसे शहतूत या बकायन लगाना भी एक बेहतरीन लॉन्ग-टर्म सॉल्यूशन साबित होता है.

छोटे और नाजुक पौधों के तनों को सनबर्न से बचाने के लिए उन पर चूने और कॉपर ऑक्सीक्लोराइड का लेप जरूर लगाएं. जमीन से करीब दो से तीन फीट की ऊंचाई तक तने को सफेद रंग देने से सूरज की हानिकारक किरणें रिफ्लेक्ट हो जाती हैं और तने की छाल फटने से बच जाती है.

इस मौसम में पौधों को किसी भी तरह का हैवी केमिकल फर्टिलाइजर या गर्म खाद देने से पूरी तरह बचें. क्योंकि इससे पौधों के जलने का खतरा दोगुना हो जाता है. इन आसान सीक्रेट्स को फॉलो करके आप भीषण गर्मी में भी अपने नए बाग को एकदम हरा-भरा और सुरक्षित रख सकते हैं.
Published at : 05 Jul 2026 04:14 PM (IST)


