Friday, July 24, 2026
Google search engine
Homeचुनावमछुआरा, छात्र नेता और अब MLA; कौन हैं केरल के अलाप्पुझा से...

मछुआरा, छात्र नेता और अब MLA; कौन हैं केरल के अलाप्पुझा से जीते कांग्रेस के युवा ये विधायक, National Hindi News


केरल में समंदर की लहरों से लड़ते-लड़ते विधानसभा की दहलीज तक पहुंचे अलाप्पुझा सीट से जीतने वाले ए.डी. थॉमस मछुआरा परिवार से आते हैं। वह 17 साल की उम्र से ही समुद्र में मछली पकड़ने को उतरते रहे हैं। वर्तमान में वह केरल में कांग्रेस की छात्र शाखा केरल स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) के जिला अध्यक्ष भी हैं। 

केरल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों में एक ऐसी कहानी सामने आई है जिसने पूरे देश का ध्यान खींचा है। यह कहानी है 30 साल के ए.डी. थॉमस (A D Thomas) की, जिन्होंने लहरों से लड़ते-लड़ते सियासत के समंदर में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के गढ़ में सेंध लगा दी है। केरल विधानसभा चुनाव में उन्होंने CPI(M) के मौजूदा विधायक पी.पी. चितरंजन को 21,015 वोटों से हराया। थॉमस की यह जीत महज एक चुनावी जीत नहीं है, बल्कि एक कड़े संघर्ष का नतीजा है। यह सीट 2011 से CPI(M) के पास थी।

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, अलाप्पुझा सीट से जीतने वाले ए.डी. थॉमस, मरारिकुलम तट पर रहने वाले मछुआरा परिवार से आते हैं। वह 17 साल की उम्र से ही समुद्र में मछली पकड़ने को उतरते रहे हैं। वर्तमान में वह केरल स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) के जिला अध्यक्ष भी हैं, जो राज्य में कांग्रेस की छात्र शाखा है।

Alappuzha seat result 2026

बता दें कि, साल 2024 में सीएम पिनाराई विजयन की ‘नव केरल यात्रा’ के दौरान थॉमस ने सरकार के विरोध में राज्य कैबिनेट मंत्रियों को ले जा रही बस को काला झंडा दिखाया था। उस दौरान सिक्योरिटी स्टाफ द्वारा उन पर कथित तौर पर जानलेवा हमला किया गया। इसके बाद मीडिया में आई थॉमस के खून से लथपथ चेहरे की तस्वीरों ने पूरे राज्य को झकझोर दिया था। कांग्रेस ने इस घटना को “विजयन शासन की विरोध के प्रति असहिष्णुता असहिष्णुता” के रूप में पेश किया, जो आज उनकी जीत का एक बड़ा कारण बना।

पेट्रोल पंप पर नौकरी की, बच्चों को ट्यूशन पढ़ाया

थॉमस का जीवन बेहद साधारण रहा है। थॉमस के अनुसार, उनके पिता डोमिनिक जैक्सन और मां अक्काम्मा द्वारा अपने तीन बेटों के पालन-पोषण के लिए किए गए संघर्षों ने उन्हें बहुत प्रभावित किया। 17 साल की उम्र में ही उन्होंने समंदर में मछली पकड़ने का काम शुरू कर दिया था। साथ ही उन्होंने स्कूली बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर और पेट्रोल पंप पर काम करके अपनी पढ़ाई का खर्च उठाया। कुछ समय पहले तक थॉमस को सुबह-सवेरे अपने पिता और छोटे भाई के साथ मछली पकड़ने के लिए निकलते देखा जा सकता था। अपने काम और राजनीति के साथ-साथ उन्होंने अपनी पढ़ाई भी जारी रखी और इतिहास में डिग्री हासिल की।

केरल में कांग्रेस की 10 वर्ष बाद सत्ता में वापसी

गौरतलब है कि, केरल के 140 सदस्यीय विधानसभा चुनावों के सोमवार को घोषित नतीजों के अनुसार, केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने 102 सीटें जीत कर दो तिहाई से अधिक बहुमत के साथ 10 साल बाद सत्ता में जबर्दस्त वापसी की है। भाजपा ने राज्य विधान सभा चुनाव में पहली बार खाता खोलते हुए 3 सीटें हासिल की हैं।कांग्रेस को 63 सीटें मिली हैं जबकि उसके गठबंधन सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) को 22, केरल कांग्रेस को 7 और रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी को 3 सीटें मिली हैं। केरल कांग्रेस जैकब, रिवाेल्यूशनरी मार्क्ससिस्ट पार्टी आफ इंडिया और कम्युनिस्ट मार्क्ससिस्ट पार्टी केरल स्टेट कमेटी काे एक-एक सीट मिली है। यूडीएफ से संबंद्ध चार निर्दलीय उम्मीदवार भी जीत हासिल करने में सफल रहे हैं।

पिनराई विजयन चुनाव जीतने में सफल रहे

दूसरी ओर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा है। माकपा को 26 सीटें ही मिल पाई हैं, जबकि उसकी गठबंधन सहयोगी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी को 8 सीटों से ही संतोष करना पड़ा है। राष्ट्रीय जनता दल को एक सीट मिली है। मुख्यमंत्री पी विजयन चुनाव जीतने में सफल रहे हैं, लेकिन उनके कई कैबिनेट को हार का सामना करना पड़ा है।



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments