बंगाल में बड़े राजनीतिक उलटफेर के बाद सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। कोलकाता में ममता बनर्जी के आवास और कार्यालय के बाहर भी सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। इसके अलावा दफ्तरों के कागजात को यथावत सुरक्षित रखने के आदेश दिए गए हैं।
पश्चिम बंगाल में बड़े उलटफेर के बाद चुनावी हिंसा की आशंका को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था एकदम चुस्त-दुरुस्त रखी गई है। वहीं कोलकाता के कालीघाट स्थित ममता बनर्जी के आवास और उनके नाबन्ना कार्यालय में भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। परिसर के बाहर सुरक्षाबलों की तैनाती है। बंगाल के मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला ने सभी सरकारी कार्यालयों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी दस्तावेज के साथ कोई छेड़छाड़ ना की जाए और ना ही किसी दस्तावेज को बाहर भेजा जाए।
मुख्य सचिव ने सभी विभागीय सचिवों और दफ्तरों के प्रमुखों से कहा है कि किसी भी हाल में जरूरी कागजों और फाइल्स को दफ्तर से ना हटाया जाए। आशंका यही है कि राज्य में सरकार बदलने के बाद सरकारी दफ्तरों के दस्तावेजों से छेड़छाड़ हो सकती है। इसके अलावा किसी भी कागजात की स्कैनिंग या कॉपी करने से भी रोका गया है।
आदेश के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
प्रशासनिक अनुशासन को मजबूत करने के उद्देश्य से जारी इस आदेश में व्यक्तिगत जिम्मेदारी पर भी जोर दिया गया है। विभागाध्यक्षों और विभागीय सचिवों को व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि इन निर्देशों का अक्षरशः पालन हो। आदेश में चेतावनी दी गई है कि नियमों के उल्लंघन की किसी भी घटना के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदारी तय की जाएगी और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। अधिकारियों को सतर्क रहने और संवेदनशील दस्तावेजों के गलत प्रबंधन को रोकने के लिए आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं।
चुनाव हार गए टीएमसी के दिग्गज
पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत उनके कई मंत्री भी चुनाव हार गए हैं। मतगणना वाले दिन भी कई जगहों पर छुटपुट हिंसा और तोड़फोड़ के मामले सामने आए। चुनाव हिंसा की आशंका को ध्यान में रखकर ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और अभी लंबे समय तक सुरक्षाबलों की राज्य में तैनाती रहेगी। इस बार ममता बनर्जी खुद अपने गृह क्षेत्र भवानीपुर में भाजपा के शुभेंदु अधिकारी से 15,105 मतों से हार गईं। हालांकि, तृणमूल के वरिष्ठ मंत्री शोवनदेब चट्टोपाध्याय, फिरहाद हकीम और जावेद खान चुनाव जीत गए।
दक्षिण कोलकाता के प्रतिष्ठित बॉलीगंज निर्वाचन क्षेत्र में शोवनदेब चट्टोपाध्याय ने भाजपा के अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी सतरूप को 61,476 मतों से हराया। कोलकाता के महापौर और निवर्तमान ममता बनर्जी मंत्रिमंडल में शहरी विकास मंत्री रहे फिरहाद हकीम ने कोलकाता पोर्ट सीट पर भाजपा के राकेश सिंह को 56,000 से अधिक मतों से हराया। बनर्जी के भरोसेमंद सहयोगी हकीम ने लगातार चौथी बार यह सीट जीती है।
तृणमूल सांसद सुदीप बंदोपाध्याय की पत्नी नयना बंदोपाध्याय ने चौरंगी सीट पर भाजपा प्रत्याशी एवं अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी संतोष पाठक को 22,002 मतों से हराया। तृणमूल के मंत्री उदय गुहा दिन्हाटा सीट पर भाजपा के अजय राय से 17,000 से अधिक मतों से हार गए। महिला एवं बाल कल्याण मंत्री शशि पांजा को श्यामपुकुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की पूर्णिमा चक्रवर्ती ने 14,633 मतों से हरा दिया। तृणमूल के आसनसोल उत्तर निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार और मंत्री मलय घटक भाजपा के कृष्णेंदु मुखर्जी से 11,615 मतों से हार गए। मलय ने तीन बार इस सीट पर जीत दर्ज की थी।


