Sunday, July 26, 2026
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राजनीति में आने का दबाव बना रहे थे माता-पिता, विजय थालापति ने दोनों पर कर दिया था केस; चले गए थे कोर्ट, National Hindi News


थालापति विजय को पहले राजनीति में नहीं आना था। जब माता-पिता ने बिना उनसे बताए पार्टी बनाई और उनके नाम का इस्तेमाल किया तो विजय ने कोर्ट में जाकर दोनों के खिलाफ मुकदमा कर दिया था। अब टीवीके बनाकर विजय तमिलनाडु की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरे हैं।

तमिलनाडु में विजय थालापति की टीवीके ने बंपर प्रदर्शन किया है। अपने पहले ही चुनाव में थालापति की पार्टी ने 234 सीटों में से 108 पर जीत दर्ज कर रिकॉर्ड कायम कर दिया है। अपनी पहली ही राजनीतिक पारी में हिट होने वाले थालापति विजय का मन आज की तरह राजनीति करने का नहीं था। वो राजनीति में आना भी नहीं चाहते थे और जब माता-पिता ने उनसे बिना बताए पार्टी का हिस्सा बना दिया तो विजय ने अपने माता-पिता समेत 11 लोगों पर केस कर दिया और कोर्ट चले गए थे।

क्या था पूरा मामला

बात साल 2020 की है। इस साल विजय थालापति के पिता एस. ए. चंद्रशेकर ने एक राजनीतिक पार्टी बनाई और उसका रिजस्ट्रेशन करवाने का प्रयास शुरू कर दिया। पार्टी का नाम रखा गया विजय मक्कल अय्यकम (VMI)। इस पार्टी में विजय के पिता महासचिव बने और उनकी माता शोभा को इस पार्टी का कोषाध्यक्ष बनाया गया। इस राजनीतिक पार्टी की शुरुआत करने के लिए विजय के पिता ने उनसे अनुमति नहीं ली थी। सितंबर, 2021 में विजय ने वीएमआई से खुद को अलग कर लिया और कहा कि उनके पिता की असल योजनाओं के बारे में उन्हें पहले नहीं बताया गया था। खुद को पार्टी से अलग करने के बाद विजय ने अपने माता-पिता समेत 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दायर कर दिया और इसके बाद वीएमआई को भंग कर दिया गया था।

फिल्मों में शुरू में नहीं मिली थी बड़ी सफलता

विजय ने अपने कैरियर की शुरुआत एक बाल कलाकार के रूप में की थी। उनकी पहली फिल्म ‘वेट्री’ थी। इसे विजय थालापति के पिता एस.ए. चंद्रशेखर ने डायरेक्ट और प्रोड्यूस किया था। बड़े होने के बाद जब उन्होंने अपने फिल्मी कैरियर की शुरुआत की तो उन्हें ज्यादा सफलता नहीं मिली, तब उनके पिता ने एक फिल्म बनाने का प्लान किया, जिसका नाम था ‘सेंथूरपांडी’। साल 1993 में रिलीज हुई सेंथूरपांडी में उस समय के मशहूर एक्टर विजयकांत भी थे। इस फिल्म ने विजय थालापति को सोमांटिक और पारिवारिक फिल्मों की इमेज वाला एक्टर बना दिया। बाद में उन्होंने ऐक्शन फिल्मों की शुरुआत की और मास सिनेमा की तरफ रुख किया। इस तरह धीरे-धीरे विजय को थालापति (कमांडर) का खिताब मिल गया और साउथ की फिल्मों में वो सुपरस्टार बन गए। इसके बाद जब राजनीति की शुरुआत की तो यहां भी पहली ही पारी में सुपरस्टार बन गए।

साउथ की फिल्मों विजय थालापति की तरह और भी स्टार हुए हैं, जिन्हें उनके चाहने वाले भगवान की तरह पूजते हैं। इसी तरह विजय के फैंस का भी जुनून उनके लिए अलग तरह का रहा, जिसकी वजह स से अपनी पहली ही राजनीतिक पारी में उनकी पार्टी टीवीके ने कमाल कर दिया और दो बड़ी राजनीतिक पार्टियों को पछाड़कर अपने पहले ही चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरे।

विजय को खुद पर नहीं था भरोसा

विजय के फैंस में जो जुनून दिखता था वो उसका इस्तेमाल अपने राजनीतिक फायदे के लिए आसानी से कर सकते थे। क्योंकि उनसे पहले भी कई फिल्म सुपरस्टार्स ने ऐसा किया था। लेकिन विजय को इस मामले में कुछ आशंकाएं थी, जिसकी वजह से वो राजनीति की शुरुआत नहीं करना चाहते थे। साल 2009 में विजय के पिता ने उनके लिए फैन क्लबन बना दिया था, लेकिन विजय हमेशा से राजनीतिक भविष्य को लेकर असमंजस में रहते थे। साल 2021 में विजय ने खुद कहा था कि जब तक तमिलनाडु में कोई वैक्यूम नहीं बन जाता है, तब तक वो राजनीति में आने पर विचार नहीं कर सकते हैं।



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