
झारखंड की महिला किसानों ने अपनी मेहनत से इंटरनेशनल मार्केट में एक बड़ा कमाल कर दिखाया है. वहां की एक महिला किसान उत्पादक कंपनी ने मिलकर आम्रपाली आम तैयार किया जो पहली बार सीधे ब्रिटेन और दुबई के बड़े बाजारों में पहुंचा. इस एक कदम से महिला किसानों की इनकम में पूरे 180 परसेंट की बंपर बढ़ोतरी हुई है.

इसके अलावा मिलेट्स यानी मोटे अनाज का जलवा भी पूरी दुनिया में सिर चढ़कर बोल रहा है. कर्नाटक से मिलेट से बने फंक्शनल फूड्स की पहली खेप सीधे न्यूजीलैंड भेजी गई है. विदेशी फिटनेस लवर्स इस भारतीय सुपरफूड को हाथों-हाथ खरीद रहे हैं. जो किसान पारंपरिक धान-गेहूं से अलग हटकर कुछ नया करने की सोच रहे हैं उनके लिए मिलेट्स की खेती अच्छा मौका है.

फलों की बात करें तो जम्मू-कश्मीर की प्रीमियम एरेको चेरी और सेंट्रोस प्लम का जलवा अब अबू धाबी और दुबई में दिख रहा है. वहां के लोग इस स्वाद के दीवाने हो गए हैं. जिससे कश्मीर के बागान मालिकों को करीब 120 परसेंट तक ज्यादा कीमत मिल रही है.

सिर्फ आम या चेरी ही नहीं बल्कि उत्तराखंड की हिमालयी लीची भी पहली बार सात समंदर पार इटली के बाजारों तक पहुंच गई है. इसके साथ ही पंजाब की ताजा लीची ओमान गई है और असम की जीआई टैग वाली मशहूर तेजपुर लीची ने दुबई में खूब बिक रही है.

वहीं मध्य प्रदेश के रीवा का जीआई टैग प्राप्त सुंदरजा आम भी अब संयुक्त अरब अमीरात के लोगों की पहली पसंद बन गया है. इसे एक्सपोर्ट करने से एमपी के किसानों को घरेलू बाजार की तुलना में 40 से 50 परसेंट अधिक मुनाफा मिल रहा है. इसके अलावा आंध्र प्रदेश का बंगनपल्ली आम भी पानी के जहाज से पहली बार सिंगापुर भेजा गया है.

फलों के साथ-साथ प्रसंस्कृत खाद्य यानी प्रोसेस्ड फूड की मांग भी बढ़ रही है. ओडिशा से ड्राइड होल एग पाउडर ऑस्ट्रिया भेजा गया है. जिसने यूरोप के सख्त क्वालिटी मानकों को पास किया है. वहीं वाराणसी में बने बिस्कुट भी ओमान जा रहे हैं. यानी अगर किसान इन चीजों की खेती तवज्जो देते हैं तो यकीनन अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.
Published at : 17 Jul 2026 02:58 PM (IST)


