Scheme For Natural Farming: आजकल केमिकल वाली खाद और कीटनाशकों के ज्यादा इस्तेमाल से जमीनों की सेहत बिगड़ती जा रही है, और खेती की लागत भी दिन-ब-दिन बढ़ रही है. इसी परेशानी से किसानों को उबारने के लिए सरकार प्राकृतिक खेती को जमकर बढ़ावा दे रही है. अगर आप भी अपने खेतों में केमिकल फ्री खेती करने की सोच रहे हैं. तो आपके लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है.
सरकार ने नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के तहत किसानों को प्रति एकड़ आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है. इस योजना का मुख्य मकसद किसानों पर पड़ने वाले शुरुआती वित्तीय बोझ को कम करना और जमीन की उपजाऊ शक्ति को वापस लौटाना है. चलिए आपको बताते हैं कि इस योजना का लाभ आपको कैसे मिलेगा.
कितनी मिलेगी मदद?
इस योजना के तहत सरकार प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों को 4000 रुपये प्रति एकड़ की आर्थिक मदद दे रही है. यह मदद सीधे किसानों के बैंक खातों में DBT के जरिए ट्रांसफर की जाएगीच. जिससे किसी बिचौलिए का चक्कर न रहे. एक किसान अधिकतम एक निश्चित सीमा जैसे 2 से 2.5 एकड़ तक के लिए ही इस सब्सिडी का लाभ उठा सकता है.
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क्या हैं नियम?
यह पैसा किसानों को प्राकृतिक चीजें तैयार करने, जैसे जीवामृत, बीजामृत बनाने के लिए जरूरी सामान और देसी गाय के रख-रखाव के खर्च में मदद के रूप में दिया जाता है. इस मदद के पीछे का मकसद यह है कि किसान को शुरुआती सालों में फसल का उत्पादन थोड़ा कम भी मिले तो उसकी जेब पर भारी असर न पड़े.
कैसे उठा सकते है स्कीम का लाभ?
अगर आप इस सब्सिडी का फायदा उठाना चाहते हैं. तो आपके पास अपनी खेती योग्य जमीन के वैध दस्तावेज और आधार से लिंक बैंक अकाउंट होना जरूरी है. छोटे और सीमांत किसानों को इस योजना में प्राथमिकता दी जा रही है. लाभ उठाने के लिए किसानों को कृषि विभाग के पोर्टल या अपने नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र पर जाकर रजिस्ट्रेशन कराना होगा.
इसके अलावा कृषि मित्र या लोकल नोडल ऑफिसर के जरिए भी फॉर्म भरा जा सकता है. एक बार आपकी जमीन की जांच और प्राकृतिक खेती का सर्टिफिकेशन प्रोसेस शुरू हो जाने के बाद, आर्थिक मदद की किश्तें सीधे आपके खाते में जमा होने लगेंगी.
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