Sunday, January 11, 2026
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सैमसंग इनोवेशन कैंपस ने आंध्र प्रदेश में भविष्य की तकनीकी स्किलिंग को दी रफ्तार

सैमसंग इनोवेशन कैंपस ने आंध्र प्रदेश में भविष्य की तकनीकी स्किलिंग को दी रफ्तार

विशाखापट्टनम के विज्ञान और डीआईईटी कॉलेज के 750 छात्रों को एआई, कोडिंग और प्रोग्रामिंग में मिला प्रमाण-पत्र

गुरुग्राम, भारत – 18 दिसंबर 2025: भारत के अग्रणी कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड, सैमसंग ने अपने ‘सैमसंग इनोवेशन कैंपस’ (एसआईसी) कार्यक्रम के तहत आंध्र प्रदेश के युवाओं को भविष्य की तकनीकों में दक्ष बनाने की अपनी मुहिम को और मजबूती दी है। विशाखापट्टनम के विज्ञान इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और डीआईईटी कॉलेज में आयोजित बैक-टू-बैक सम्मान समारोहों में कुल 750 छात्रों को सर्टिफिकेट प्रदान किए गए।

इस वर्ष विशाखापट्टनम के इन दो केंद्रों से कुल 750 छात्र इस कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित होकर निकले हैं—जिनमें विज्ञान कॉलेज के 500 और डीआईईटी कॉलेज के 250 छात्र शामिल हैं। यह उपलब्धि भारत के युवाओं को तकनीक-आधारित भविष्य के लिए तैयार करने के सैमसंग के मिशन की दिशा में एक और बड़ा कदम है।

आंध्र प्रदेश में सैमसंग इनोवेशन कैंपसके ग्रेजुएट्स का अभिनंदन

विशाखापट्टनम स्थित विज्ञान इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (विज्ञान कॉलेज) में 12 दिसंबर 2025 को एक विशेष समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. बी. रवि किरण (एसीपी – साइबर क्राइम सीआईडी) और डॉ. सुधाकर ज्योतुला (प्रिंसिपल, विज्ञान कॉलेज) के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल ऑफ इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट (स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप) श्री सरोज आपाटो उपस्थित रहे।

विज्ञान कॉलेज में साल भर का प्रशिक्षण पूरा करने वाले 500 छात्रों को सम्मानित किया गया, जिनमें से 250 छात्रों ने ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ और 250 ने ‘कोडिंग एवं प्रोग्रामिंग’ में महारत हासिल की। शिक्षकों, अतिथियों और एसआईसी पार्टनर्स की मौजूदगी में छात्रों को प्रमाण-पत्र दिए गए। उद्योग की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया यह पाठ्यक्रम उभरते तकनीकी क्षेत्रों में छात्रों की ‘एम्प्लॉयबिलिटी’ (रोजगार क्षमता) बढ़ाने में सहायक होगा।

उसी दिन विशाखापट्टनम स्थित डीआईईटी कॉलेज में भी एक अन्य सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। इस गरिमामयी अवसर पर कॉलेज के चेयरमैन श्री दादी रत्नाकर गारू और प्राचार्य डॉ. रुगड़ा वैकुंठ राव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ ईएसएससीआई के वाइस प्रेसिडेंट (स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप्स) श्री सरोज आपाटो ने भी कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

डीआईईटी कॉलेज में ‘सैमसंग इनोवेशन कैंपस’ के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में विशेष प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले 250 छात्रों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। उपस्थित गणमान्य अतिथियों ने छात्रों की इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी और इस बात पर बल दिया कि आंध्र प्रदेश में स्थानीय रोजगार, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक डिजिटल कौशल की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है।

देशभर में भविष्य की तकनीकों का विस्तार

सैमसंग इनोवेशन कैंपस युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), बिग डेटा और कोडिंग-प्रोग्रामिंग जैसे क्षेत्रों में निपुण बनाकर भारत के डिजिटल स्किलिंग इकोसिस्टम को मजबूती दे रहा है। ‘स्किल इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ मिशन के लक्ष्यों को आगे बढ़ाते हुए, इस कार्यक्रम का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। साल 2025 में इसके तहत 10 राज्यों के 20,000 छात्रों को प्रशिक्षित किया जाएगा—जो पिछले वर्ष के 3,500 छात्रों की तुलना में लगभग छह गुना अधिक है। यह पहल सामाजिक समावेशन पर भी केंद्रित है, जहाँ राष्ट्रीय स्तर पर 42% महिला प्रतिभागी हैं। यह उच्च-गुणवत्ता वाली तकनीकी शिक्षा तक सभी की समान पहुंच सुनिश्चित करने की सैमसंग की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

सैमसंग, ‘इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल ऑफ इंडिया’ और ‘टेलीकॉम सेक्टर स्किल्स काउंसिल ऑफ इंडिया’ के मान्यता प्राप्त पार्टनर्स के साथ मिलकर तकनीकी प्रशिक्षण, सॉफ्ट-स्किल्स और प्लेसमेंट की तैयारी में मदद कर रहा है। इस कार्यक्रम में विशेष रूप से पिछड़े, अर्ध-शहरी और आकांक्षी जिलों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि विभिन्न सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि के छात्र भारत के डिजिटल परिवर्तन में सक्रिय भूमिका निभा सकें।

तकनीक के माध्यम से भारतीय वर्कफोर्स का सशक्तिकरण

‘सैमसंग इनोवेशन कैंपस’, ‘सॉल्व फॉर टुमॉरो’ और ‘दोस्त’ (डिजिटल एंड ऑफलाइन स्किल्स ट्रेनिंग) जैसी पहलों के माध्यम से सैमसंग युवा भारतीयों के लिए रोजगार, नवाचार और उद्यमिता के नए रास्ते खोल रहा है। ये कार्यक्रम भविष्य के लिए तैयार ऐसी डिजिटल प्रतिभा तैयार करने की कंपनी की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दोहराते हैं, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण में योगदान देंगे।

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