Sunday, January 11, 2026
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सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो 2025: युवा नवोन्मेषक तकनीक की मदद से पर्यावरणीय स्थिरता को कैसे आकार दे रहे हैं

सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो 2025: युवा नवोन्मेषक तकनीक की मदद से पर्यावरणीय स्थिरता को कैसे आकार दे रहे हैं

 दशकों से, पर्यावरणीय स्थिरता को त्याग और समझौते के रूप में देखा जाता रहा है। आईआईटी दिल्ली के सहयोग में सैमसंग के प्रमुख शिक्षा कार्यक्रम, सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो (एसएफटी) 2025 के समर्थन और मार्गदर्शन से, युवा इनोवेटर्स ने इस कहानी को बिल्‍कुल उलट दिया: तकनीक धरती की रक्षा करते हुए समृद्धि को बढ़ावा दे सकती है। भारत भर में हजारों छात्रों ने “तकनीक के माध्यम से पर्यावरणीय स्थिरता” की थीम के तहत अत्याधुनिक समाधान तैयार किए। उन्‍होंने संसाधन संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छ जल और कार्बन कटौती पर फोकस किया।

 

इस नई पीढ़ी के चेंजमेकर्स ने आखिर क्या हासिल किया, इसकी जानकारी नीचे दी जा रही है:

 

  1. तात्कालिकता और विकास को ध्‍यान में रखकर किये गये इनोवेशन

छात्रों ने जल, ऊर्जा, अपशिष्ट और जैव विविधता को संरक्षित करने वाली तकनीकों का विकास किया, जो आर्थिक और सामाजिक प्रगति के लिए सस्‍टेनेबिलिटी को प्रेरणा के तौर पर बदल देती हैं।

 

  1. थीम विजेता पृथ्वी रक्षक: अपशिष्ट को धन में बदलना

सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो 2025 का प्रमुख विजेता, पृथ्वी रक्षक, एक मॉड्यूलर एआई-संचालित वर्मीकंपोस्टिंग सिस्टम है, जिसे तीन टीनेजर्स- अभिषेक ढांडा, प्रभकीरत सिंह और रचिता चंडोक ने विकसित किया है। उनका यह नवाचार स्मार्ट सेंसर्स की मदद से जैविक अपशिष्ट को अपने आप ही पोषक तत्वों से भरपूर खाद में बदल देता है, निश्चित रूप से यह प्रोडक्‍ट स्कूलों, बाजारों और समुदायों के लिए बेहद उपयुक्त है।

 

  1. पर्यावरणीय मुद्दों को चुनौती देने वाले अन्य प्रमुख नवाचार

अतिरिक्त शीर्ष टीमों ने महत्वपूर्ण पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना किया:

  • ड्रॉप ऑफ होप (उत्तर प्रदेश): वायु से जल निकालने वाला एक उपकरण जो सौर वायुमंडलीय संघनन (सोलर एटमॉस्फियरिक कन्‍डेंसेशन) का उपयोग करता है।
  • रिन्यूएबल डिसैलिनेशन (असम): स्वच्छ पेयजल प्रदान करने के लिए कम लागत वाला और ऊर्जा-कुशल डिसैलिनेशन सिस्टम।
  • स्मालब्लू (गुजरात): एआई प्लेटफॉर्म जो एंटरप्राइज डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर को अनुकूलित करता है और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर में कार्बन फुटप्रिंट को कम करता है।
  • वॉक्समैप्स (मध्य प्रदेश): प्रदूषण डेटा एकत्र करने और वॉक्सेल मैप्स बनाने के लिए LiDAR और HD इमेजिंग सेंसर लगे ड्रोन।

 

  1. असर बढ़ाने के लिए सहयोग

विजेताओं को आईआईटी दिल्ली में 1 करोड़ रुपये तक का इनक्यूबेशन सपोर्ट मिला, साथ ही शीर्ष टीमों के लिए अतिरिक्त पुरस्कार भी थे, जिसमें 1 लाख रुपये का ग्रांट(अनुदान), गुडविल अवॉर्ड्स और यंग इनोवेटर अवॉर्ड्स शामिल हैं, और शीर्ष 20 टीमों के लिए सैमसंग गैलेक्सी Z फ्लिप स्मार्टफोन का भी इंतजाम किया गया।

 

  1. एक बढ़ते, विकेंद्रीकृत इनोवेशन सिस्‍टम का विकास

2025 के एडिशन में टियर-II और टियर-III शहरों से मजबूत भागीदारी देखी गई, पूर्व छात्रों ने नए छात्रों की मेंटरिंग की और प्रोटोटाइप के विकास के लिए आईआईटी दिल्ली के FITT लैब्स तक पहुंच प्रदान की गई। यह मेट्रो शहरों से परे स्‍टेम नवाचार के प्रसार को दिखाता है।

 

  1. सहानुभूति और जिम्मेदारी प्रमुख

स्‍टूडेंट्स को जिम्‍मेदारी से वास्‍तविक दुनिया की समस्‍याओं का समाधान करने पर केंद्रित डि‍जाइन-थिंकिंग के जरिए मार्गदर्शन दिया गया।  सामाजिक प्रभाव और स्‍थायी एआई समाधानों को प्राथमिकता दी गई।

 

  1. चेंजमेकर्स को सशक्त बनाने की विरासत

2010 से, सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो ने 68 देशों में 29 लाख युवा इनोवेटर्स को प्रेरित किया है, बदलाव लाने के लिए स्‍टेम समाधान विकसित करने के लिए छात्रों को मेंटरशिप और उपकरण प्रदान किये गये। भारत के विविध योगदानों में हर गुजरते साल के साथ बढ़ोतरी हो रही है।

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