19 अगस्त को स्कूल बंद रहेंगे या नहीं? IMD ने भारी से अत्यंत भारी बारिश को लेकर कई राज्यों में अलर्ट जारी किया है। अपने राज्य का हाल जानें।
देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसून की मूसलाधार बारिश का दौर लगातार जारी है। पहाड़ों पर हो रही लैंडस्लाइड और मैदानी इलाकों में जलभराव की वजह से छात्रों और उनके माता-पिता के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या 19 अगस्त 2026 को स्कूलों में छुट्टी घोषित की जाएगी? भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई प्रमुख राज्यों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
केंद्र सरकार की तरफ से पूरे देश के सभी स्कूलों के लिए एक साथ किसी अवकाश का आदेश जारी नहीं किया गया है। स्थानीय परिस्थितियों और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डिस्ट्रिक्ट लेवल पर ही स्कूल बंद करने का निर्णय लिया जा रहा है।
IMD अलर्ट का क्या होता है असर?
मौसम विभाग जब किसी इलाके के लिए येलो या ऑरेंज अलर्ट जारी करता है, तो इसका मतलब तेज बारिश और मौसम खराब होने की चेतावनी होता है। हालांकि, इसका अर्थ यह बिल्कुल नहीं है कि सभी स्कूल अपने आप बंद हो जाएंगे। संबंधित जिलों के डीएम (DM) और स्थानीय प्रशासन अपने क्षेत्र में सड़कों की स्थिति, पानी के भराव और छात्रों की सुरक्षा का जायजा लेते हैं। उसके बाद ही आधिकारिक स्कूल छुट्टी का नोटिस जारी किया जाता है।
राज्यवार क्या है स्थिति?
दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR): दिल्ली, नोएडा और गुड़गांव के इलाकों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। 19 अगस्त के लिए पूरे दिल्ली-एनसीआर में स्कूलों में छुट्टी का कोई आदेश नहीं है। हालांकि अत्यधिक जलभराव वाले क्षेत्रों में स्थानीय अधिकारी कदम उठा सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड: पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के कारण लैंडस्लाइड और सड़कें बंद होने का खतरा अधिक रहता है। संवेदनशील पहाड़ी जिलों के DM हालात देखकर स्थानीय स्तर पर स्कूल बंद करने या ऑनलाइन क्लास चलाने का आदेश जारी कर रहे हैं।
जम्मू और कश्मीर: खराब मौसम और पहाड़ी रास्तों पर खतरे की संभावना को देखते हुए छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अपने-अपने स्कूल प्रशासन के संपर्क में रहें।
महाराष्ट्र और अन्य राज्य: जिन जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है या निचले इलाकों में पानी भर चुका है, वहां स्थानीय प्रशासन द्वारा स्थिति के अनुसार छुट्टियां तय की जा रही हैं।
छात्रों के लिए जरूरी सलाह
छात्रों और उनके माता-पिता को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी अन-वेरिफाइड खबर या सोशल मीडिया की अफवाहों पर भरोसा न करें। स्कूल जाने से पहले अपने स्कूल के व्हाट्सएप ग्रुप, नोटिस बोर्ड या स्थानीय जिला प्रशासन की आधिकारिक नोटिस को ही सही मानें।


