20 अगस्त को स्कूल बंद रहेंगे या नहीं? IMD ने भारी से अत्यंत भारी बारिश को लेकर कई राज्यों में अलर्ट जारी किया है। अपने राज्य का हाल जानें।
देशभर में मानसूनी बारिश का दौर लगातार जारी है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और ओडिशा जैसे राज्यों में रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश, जलभराव और लैंडस्लाइड के खतरों के कारण छात्र और उनके माता-पिता काफी चिंतित हैं। सभी के मन में एक ही सवाल है कि क्या 20 अगस्त 2026 को भारी बारिश के चलते स्कूलों में छुट्टी रहेगी या नहीं?
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों के लिए भारी बारिश का अनुमान और रेड व ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। हालांकि, 20 अगस्त के लिए केंद्र या राज्य स्तर पर किसी तरह की छुट्टी की घोषणा नहीं की गई है। स्कूल बंद करने का अंतिम निर्णय जिला प्रशासन और स्थानीय मौसम की गंभीरता के आधार पर लिया जा रहा है।
जानिए राज्यवार स्कूलों का ताजा अपडेट
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड: पहाड़ी राज्यों में लगातार बारिश से सड़कों की हालत खराब होने और लैंडस्लाइड की आशंका बनी हुई है। जिला प्रशासन परिस्थितियों की समीक्षा कर रहा है, और यदि किसी क्षेत्र में स्थिति ज्यादा खराब होती है तो स्थानीय स्तर पर जिला मजिस्ट्रेट DM छुट्टियों के आदेश जारी कर सकते हैं।
दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश: दिल्ली और आसपास के इलाकों में तेज बारिश के चलते सड़कों पर पानी भरने की खबरें आई हैं। फिलहाल दिल्ली-एनसीआर में पूरे राज्य के लिए एक साथ छुट्टी की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन प्राइवेट व सरकारी स्कूल अपने लेवल पर आदेश जारी कर सकते हैं।
जम्मू और कश्मीर: घाटी व पहाड़ी इलाकों में बारिश और लैंडस्लाइड की वजह से यातायात में बाधा आने की संभावना है। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और खतरे वाले इलाकों में बच्चों की सुरक्षा के लिए छुट्टियां घोषित कर सकता है।
ओडिशा और महाराष्ट्र: तटीय और बाढ़ प्रभावित निचले इलाकों में पानी भरने के कारण स्थानीय अधिकारियों को स्थिति के अनुसार निर्णय लेने के अधिकार दिए गए हैं।
अधिकारी स्कूल बंद करने का निर्णय क्यों लेते हैं?
प्रशासन बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देता है। जब जलभराव के कारण सड़कें बंद हो जाती हैं, नदियां उफान पर होती हैं, बिजली कड़कने और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा होता है, या बसों का चलना असुरक्षित हो जाता है, तब एहतियात के तौर पर स्कूलों को बंद करने का फैसला लिया जाता है।
छात्रों के लिए जरूरी सलाह
छात्रों और उनके माता-पिता को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी अन-वेरिफाइड खबर या सोशल मीडिया की अफवाहों पर भरोसा न करें। स्कूल जाने से पहले अपने स्कूल के व्हाट्सएप ग्रुप, नोटिस बोर्ड या स्थानीय जिला प्रशासन की आधिकारिक नोटिस को ही सही मानें।


