Wednesday, March 18, 2026
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One Nation One Election: ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ के पक्ष में हैं 81 फीसदी लोग, कोविंद समिति को कितने सुझाव मिले?


नई दिल्ली: ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ यानी ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ को लेकर पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली समिति को जनता से 21,000 सुझाव मिले हैं, जिनमें से 81 प्रतिशत लोगों ने देश में लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने के विचार पर सहमति जताई है. एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि 46 राजनीतिक दलों से भी सुझाव मांगे गए थे. इसमें कहा गया, ‘अब तक 17 राजनीतिक दलों के सुझाव मिले हैं.’

कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस समेत विभिन्न विपक्षी दलों ने एक साथ चुनाव कराने के विचार का विरोध किया है. पिछले साल सितंबर में गठित कोविंद के नेतृत्व वाली समिति ने रविवार को अपनी तीसरी बैठक की. समिति ने अपनी बैठक के बाद कहा, ‘कुल 20,972 प्रतिक्रियाएं प्राप्त हुईं, जिनमें से 81 प्रतिशत लोगों ने एक साथ चुनाव के विचार पर सहमति जताई.’ बयान में कहा गया कि समिति की अगली बैठक 27 जनवरी को होगी.

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कांग्रेस ने किया विरोध
इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक राष्ट्र, एक चुनाव के विषय पर सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति को पत्र लिखकर कहा था कांग्रेस इस विचार का विरोध करती है. खड़गे ने कहा था कि संसदीय शासन व्यवस्था को अपनाने वाले देश में एक साथ चुनाव की अवधारणा के लिए कोई स्थान नहीं है तथा उनकी पार्टी ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के विचार का पुरजोर विरोध करती है. समिति के सचिव नीतेन चंद्र को भेजे सुझाव में खड़गे का यह भी कहना था कि एक साथ चुनाव कराने का विचार संविधान की मूल संरचना के विरुद्ध है और यदि एक साथ चुनाव की व्यवस्था लागू करनी है तो संविधान की मूल संरचना में पर्याप्त बदलाव की आवश्यकता होगी.

खड़गे ने अपने पत्र में क्या-क्या कहा
खड़गे ने अपने पत्र में कहा था, ‘जिस देश में संसदीय शासन प्रणाली अपनाई गई हो, वहां एक साथ चुनाव की अवधारणा के लिए कोई जगह नहीं है. सरकार द्वारा एक साथ चुनाव के ऐसे प्रारूप संविधान में निहित संघवाद की गारंटी के खिलाफ हैं.’ उन्होंने आगे कहा, ‘सरकार और इस समिति को शुरू में ही इसको लेकर ईमानदार होना चाहिए था कि वे जो प्रयास कर रहे हैं वह संविधान की मूल संरचना के विरुद्ध हैं और यदि एक साथ चुनाव लागू करना है तो संविधान की मूल संरचना में पर्याप्त बदलाव की आवश्यकता होगी.’

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आप ने भी किया विरोध
आम आदमी पार्टी (आप) ने भी कहा कि देश में एक साथ चुनाव कराने से संसदीय लोकतंत्र के विचार और संविधान के बुनियादी ढांचे को नुकसान होगा. आप ने कहा कि यह व्यवस्था त्रिशंकु विधायिका से निपटने में सक्षम नहीं होगी. दरअसल, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली समिति की ओर से सुझाव के लिए पिछले साल 18 अक्टूबर को कांग्रेस अध्यक्ष को पत्र लिखा गया था. कांग्रेस अध्यक्ष ने 17 बिंदुओं में अपने सुझाव समिति के पास भेजे हैं. (इनपुट भाषा से)

Tags: Congress, Mallikarjun kharge, One Nation One Election, Ramnath kovind



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