नई दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद निशिकांत दुबे ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद महुआ मोइत्रा पर ताजा हमला बोला और दावा किया कि उनके खिलाफ ‘कैश-फॉर-क्वेरी’ के आरोप 2005 के कैश-फॉर-क्वेरी घोटाला मामले से कहीं अधिक गंभीर हैं, जिसमें 11 सांसद निलंबित हो गए थे.
दुबे ने संवाददाताओं से कहा, “संसद में 10000 रुपए के लिए सवाल पूछने पर सांसदों को निलंबित कर दिया गया है. यह (मोइत्रा का मामला) उससे कहीं अधिक गंभीर मामला है.” इस मामले पर मोइत्रा को लोकसभा आचार समिति के समन के बारे में पूछे जाने पर, दुबे ने यह कहते हुए जवाब देने से परहेज किया कि नियमों के अनुसार, उस मामले पर बोलना अनुचित होगा जिसकी जांच पहले से ही पैनल द्वारा की जा रही है.
#WATCH | Gwalior: On allegations of ‘cash for query’ against TMC MP Mahua Moitra, BJP MP Nishikant Dubey says, “Parliament has its laws. I have submitted my complaint to the Committee of Ethics. My deposition has happened in the Committee of Ethics… Mahua Moitra will appear… pic.twitter.com/C4gDHDjCgK
— ANI (@ANI) November 1, 2023
वर्ष 2005 में छत्रपाल सिंह लोढ़ा (बीजेपी), अन्ना साहेब एम के पाटिल (बीजेपी), मनोज कुमार (आरजेडी), चंद्र प्रताप सिंह (बीजेपी), राम सेवक सिंह (कांग्रेस), नरेंद्र कुमार कुशवाहा (बीएसपी), प्रदीप गांधी (बीजेपी), सुरेश चंदेल (बीजेपी), लाल चंद्र कोल (बीएसपी), वाईजी महाजन (बीजेपी), और राजा रामपाल (बीएसपी) समेत 11 सांसदों पर संसद में सवाल पूछने के लिए रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया था.
इसके बाद, दो पत्रकारों द्वारा इन सांसदों के खिलाफ एक स्टिंग ऑपरेशन किया गया और एक समाचार चैनल पर प्रसारित किया गया जिसे कैश-फॉर-क्वेश्चन घोटाले के रूप में जाना गया. निलंबित सांसदों ने निष्कासन को चुनौती दी, लेकिन 2007 के फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने इसे बरकरार रखा.
गोड्डा निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा सांसद ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर दावा किया था कि टीएमसी सांसद ने दुबई स्थित व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी के साथ अपने आधिकारिक लॉगिन क्रेडेंशियल साझा किए थे और अडाणी समूह के बारे में संसद में सवाल पूछने के बदले में उनसे रिश्वत ली थी, साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा.

दूसरी ओर, ‘संसदीय सवालों के बदले पैसे’ के मामले में आचार समिति के सामने पेश होने से एक दिन पहले, तृणमूल कांग्रेस नेता महुआ मोइत्रा ने बुधवार को कहा कि वह गुरुवार को पैनल के सामने पेश होंगी और शिकायतकर्ता जय अनंत देहाद्राई और व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी से जिरह करने की मांग की.
मोइत्रा ने ‘एक्स’ पर अपना दो पेज का पत्र साझा करते हुए कहा, “चूंकि एथिक्स कमेटी ने मीडिया को मेरा समन जारी करना उचित समझा, इसलिए मुझे लगता है कि यह महत्वपूर्ण है कि मैं भी गुरुवार को अपनी सुनवाई से पहले समिति को अपना पत्र जारी करूं.”
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Tags: Mahua Moitra, Nishikant dubey
FIRST PUBLISHED : November 1, 2023, 16:52 IST


