Tuesday, February 10, 2026
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कुदरत का तोहफा है ये रंग-बिरंगा विदेशी फल! डायबिटीज और हार्ट के लिए रामबाण, कैंसर भी करता है कंट्रोल


सोनिया मिश्रा/ चमोली. पहाड़ों में उगने वाला पैशन फ्रूट, जिसे आमतौर पर ‘कृष्णा फल’ के रूप में भी जाना जाता है. उत्तराखंड के अलावा कर्नाटक, नागालैंड, मिजोरम, मेघालय आदि राज्यों में पैशन फ्रूट का उत्पादन होता है. यह एक प्रकार की बेरी है, जो खाने में मीठा-खट्टा, अत्यधिक सुगंधित और बीजयुक्त होता है. यह फल बैंगनी रंग से लेकर पीला और सुनहरा तक होता है, साथ ही यह अंगूर की तरह रसदार और स्वादिष्ट होता है. पैशन फ्रूट में पोटेशियम, विटामिन ए, विटामिन सी, मैग्नीशियम, तांबा, फाइबर जैसे तत्व पाए जाते है, यह फल एंटीऑक्सीडेंट का प्रमुख स्रोत माना जाता है.

उत्तराखंड के अधिकांश पर्वतीय क्षेत्रों की आबोहवा ठंडी है. ऐसे में पैशन फ्रूट की खेती वरदान साबित हो सकता है .पैशन फ्रूट के सेवन से पाचन शक्ति दुरुस्त होने के साथ-साथ आंखें भी स्वस्थ रहती हैं. पैशन फ्रूट के सेवन से हार्ट अटैक से लेकर डायबिटीज के खतरे को कम किया जा सकता है. कैंसर और पाचन से जुड़ी बीमारियों से बचाव करने में यह अचूक और कारगर साबित हो सकता है.पैशन फ्रूट में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन आपकी त्वचा के लिए बेहद गुणकारी है. इसमें मौजूद विटामिन ए सेल रीजनरेशन को बढ़ावा देकर और त्वचा को नुकसान पहुंचाने वाले फ्री रेडिकल्स से लड़कर त्वचा को हेल्दी बनाने में योगदान देता है.

हड्डियों को मजबूत करने की अचूक दवा
उत्तराखंड के चमोली के गौचर में कार्यरत डॉ. रजत ने कहा कि यह फल कई बीमारियों को ठीक करने में मददगार है. कृष्णा फल में कैल्शियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस, सोडियम और पोटैशियम की प्रचुरता होती है. ये सभी खनिज हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में असरकारक होता हैं. इसके साथ ही ऑस्टियोपोरोसिस को रोकते में भी कृष्णा फल फायदेमंद होता है.

डायबिटीज रोगियों के लिए रामबाण
इस फल का सेवन आप स्मूदी, जैम के रूप में कर सकते है या फिर ऐसे ही खा सकते हैं. साथ ही इसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत कम है और फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जिसके चलते यह डायबिटीज रोगियों के लिए काफी अच्छा माना जाता है. गौरतलब है कि ग्लाइसेमिक इंडेक्स भोजन को 0 से 100 के पैमाने पर रैंक करता है. आमतौर पर जिन चीजों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 55 से कम होता है, वह डायबिटीज रोगियों के लिए अच्छी हो सकती है. डॉ. रजत ने कहा कि इसके सेवन से हमारे शरीर में इंसुलिनर का स्तर कंट्रोल होता है. फाइबर की अधिकता के कारण यह हमारे शरीर में पेक्टिन की तरह कार्य करता है, जिससे आप अपने शरीर में कैलोरी की मात्रा बढ़ाए बिना पेट भरा महसूस करा सकते हैं.

इम्युनिटी बूस्ट करता है कृष्णा फल
डॉ. रजत ने आगे कहा कि कृष्णा फल विटामिन सी, अल्फा कैरोटीन और बीटा-क्रिप्टोक्सांथिन जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो इम्युनिटी बूस्टर की तरह काम करते हैं. इसके अलावा इस फल में आयरन होता है, जो हमारे रेड ब्‍लड सेल्‍स में हीमोग्लोबिन को बढ़ाता है. यदि आप एनीमिया से ग्रसित हैं, तो इस फल का सेवन जरूर करें. इसमेंएंटीऑक्सीडेंट की मात्रा काफी अधिक होती है, जो स्किन के लिए काफी अच्छा होता है. इसमें नियासिन(विटामिन बी 3) और राइबोफ्लेविन (विटामिन बी 6) भी होता है, जो थायरॉइड व असंतुलित हार्मोन को कंट्रोल करता है. इसके सेवन से आपका हृदय सुचारू रूप से काम करता है. इसमें फेनोलिक यौगिक और एल्कलॉइड भी होता है, जो स्ट्रेस को दूर करने में सहायक है. कुल मिलाकर यह फल हमें कुदरत से मिले नायाब तोहफे से कम नहीं है.

Tags: Chamoli News, Health News, Life18, Local18, Uttarakhand news

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



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