नई दिल्लीः साल 2014 में केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद से अब तक मेक इन इंडिया पर लगातार जोर दिया जा रहा है, जिसकी सफलता की बानगी अधिकांश क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है. मोदी सरकार के इस अभियान के तहत देश में बनने वाले मोबाइल फोन्स के आंकड़े तेजी से बढ़े हैं. बीते 10 वर्षों में भारत ना केवल मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का हब बन गया है. बल्कि एक्सपोर्ट के मामले में चीन को भी अब चुनौती देने लगा है. नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत ने इससे जुड़े कई फैक्ट्स शेयर किए हैं. बता दें कि हाल में भारत में आयोजित हुए जी20 का शेरपा भी अमिताभ कांत को बनाया गया था.
अमिताभ कांत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी शेयर करते हुए बताया कि साल 2023 में भारतीय बाजार में जितने भी फोन की सेल की गई है, वह पूरी तरह से देश में ही तैयार हुए हैं. साल 2022 में ये आंकड़ा 98 प्रतिशत था. 2023 में भारत 27 करोड़ मोबाइल हैंडसेट का प्रोडक्शन करेगा. जबिक 2014 में भारत अपनी जरूरत के 81 प्रतिशत मोबाइल फोन चीन से आयात करता था. भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग देश बन गया है. भारत के भीतक 2014 से 2022 तक 2 अरब हैंडसेट का प्रोडक्शन किया गया है.

वहीं भारत में बनने वाले करीब 20 प्रतिशत मोबाइल हैंडसेट दूसरे देश को निर्यात किया जाता है. बता दें कि शाओमी, ओप्पो, वीवो जैसे ब्रांड की असेंबलिंग और मैन्युफैक्चरिंग भारत में पहले से हो रही है. हाल ही में ऐपल ने भी भारत में आईफोन बनाना शुरू किया है. यही नहीं ऐपल आईफोन के अलावा अपने अन्य डिवाइस की मैन्युफैक्चरिंग भी भारत लाने की सोच रहा है.
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FIRST PUBLISHED : November 17, 2023, 07:45 IST


