नई दिल्ली: रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) की रक्षा प्रयोगशाला जोधपुर ने एक खास पेंट तैयार किया है. इस पेंट की खास बात यह है कि यह न केवल दुश्मन के राडार को चकमा देगा बल्कि आसानी से पकड़ में भी नहीं आएगा. चाहे वह कोई भी दुश्मन देश क्यों ना है, पाकिस्तान और चीन के रडार से बचना तो इनके लिए बहुत आसान होगा.
न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार इस पेंट के तैयार होने के बाद अब इससे दुश्मन के घर में घुसकर हवाई हमला या फिर हवाई निगरानी करने में काफी मददगार साबित होगा. सबसे खास बात है कि यह पेंट राडार की किरणों को इस तरह से सोख लेगा कि पता ही नहीं चलेगा कि यह कौन सा एयरकार्फट है.
DRDO’s Defence Laboratory, Jodhpur has developed a Radar Absorbing Paint for being applied on its own fighter aircraft and other platforms to help in reducing its radar signature and also reduce the detection capability of the enemy radars. The DL team led by Dr Nagarajan told… pic.twitter.com/fihm6p6y0k
— ANI (@ANI) November 19, 2023
कथित तौर पर पेंट का इस्तेमाल DRDO के अपने विमानों और अन्य प्लेटफार्मों पर किया जाएगा. रडार एब्जॉर्बिंग पेंट के विकास के पीछे रक्षा प्रयोगशाला जोधपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ.आर नागराजन ने ने कहा कि स्वदेशी रूप से विकसित पेंट का उपयोग अब तक मिग -29 लड़ाकू जेट सहित भारतीय वायु सेना के प्लेटफार्मों पर किया गया है और परिणामों को उत्साहजनक बताया है.
रिपोर्ट के अनुसार पेंट के कारण लड़ाकू विमान का सिग्नेचर ही पूरी तरह से बदल जाएगा. किसी भी युद्धक स्थिति में किसी लड़ाकू विमान की पहचान के लिए सिग्नेचर ही सबसे मुख्य पहलू होता है. इसका प्रयोग मिसाइलों में भी किया जा सकता है. इससे दुश्मन यह नहीं पहचान पाएंगी कि उनकी तरफ आ रही वस्तु आखिर क्या है? डॉ.आर नागराजन ने बताया कि इस तरह के पेंट दुनिया के कई देशों के पास है लेकिन वे अन्य देशों के साथ इस तकनीक को शेयर नहीं करते हैं. ऐसे में DRDO की यह उपलब्धि बेहद खास हो जाती है. इसे भारतीय वायु सेना के साथ-साथ कई उत्कृष्ठ रक्षा संसाधनों में भी उपयोग में लाया जा सकता है.
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FIRST PUBLISHED : November 20, 2023, 08:28 IST


