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विशाखापट्टनम में रहने वाली शांतम्मा का रिश्ता सीधा अमेरिका के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जेडी वेंस की पत्नी ऊषा वेंस से मिलता है। शांतम्मा ऊषा वेंस की दादी लगती हैं। विशाखापट्टनम में पत्रकारों का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि क्या आप लोग फिजिक्स और वैदिक गणित में दिलचस्पी रखते हैं, मैं इसे आपको पढ़ाने में खुशी महसूस करूंगी।
परिवार का है फिजिक्स और वैदिक गणित में योगदान
अपने परिवार के शिक्षा जगत में योगदान को खुशी के साथ बताते हुए शांतम्मा कहती हैं कि उनके पति सुब्रमण्यम शास्त्री और ऊषा चिलकुरी के दादा राम शास्त्री भाई थे। ये दोनों ही भाई वैदिक साहित्य, जप और संस्कृत में पारांगत थे। सुब्रहमण्यम शास्त्री विशाखापट्टनम के विश्वविघालय में तेलुगु के प्रोफेसर थे।
आईआईटी मद्रास में थी ऊषा वेंस के दादा की लैब
शांतम्मा बताती हैं कि वैदिक साहित्य में रूचि होने के बाद भी परिवार के कई लोग अंग्रेजी शिक्षा की तरफ मुड़ गए। 1959 में आईआईटी मद्रास में ऊषा के दादा ने लैब खोलने की सोची, हम सभी ने मिलकर उसमें उनकी मदद की।
लैब में काम करने के लिए चेन्नई में रहना पड़ता, इसलिए उनके दादाजी उनके पिता और दो भाई एक बहन को लेकर चेन्नई में रहने के लिए चले गए। उनकी एक लड़की डॉ. शारदा जंध्याला अभी भी चेन्नई में एक एनेस्थेटिस्ट के रूप में काम करती हैं।
शांतम्मा को है उम्मीद, भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने में मदद करेंगी ऊषा वेंस
शांतम्मा कहती हैं कि 1980 में ऊषा के माता पिता अमेरिका चले गए जहां पर ऊषा और उनकी छोटी बहन का जन्म हुआ। उनके माता पिता इंजीनियर हैं और अमेरिका की चकाचौंध भरी दुनिया में भी उन्होंने अपनी जड़ों को नहीं छोड़ा, वे हमेशा से शाकाहारी है। ऊषा ने भी अपने भाषण में इसका जिक्र किया था। ऊषा कि छोटी बहन श्रेया सैन डिएगो में सेमीकंडक्टर फर्म में काम करती है।
शांतम्मा कहती हैं कि ऊषा का पति एक सीनेटर है और वह एक कानूनी पेशेवर है। उन्हें भारत से प्रतिभा पलायन को रोकने के लिए नीतियां बनानी होंगी। जबकि हमें हर देश की प्रगति में योगदान देना चाहिए,हमें अपनी प्रगति पर भी ध्यान देना चाहिए, प्रोफेसर शांताम्मा अपनी पोती के लिए उस सर्वोच्च पद पर आसीन होने की कामना करती हैं जो अमेरिका आज उन्हें दे सकता है।


