Schemes For Farmers: भारत की आधी से ज्यादा जनसंख्या आज भी खेती और किसानी पर निर्भर है, जो हमारे देश की अर्थव्यवस्था की असली रीढ़ है. खेतों में पसीना बहाने वाले इन करोड़ों किसान भाई-बहनों की मेहनत से ही हमारी थाली तक अन्न पहुंचता है. लेकिन खेती करना आज के दौर में चुनौतीपूर्ण भी है, क्योंकि कभी मौसम की मार तो कभी खाद-बीज के खर्चों का बोझ किसानों को परेशान करता है.
इन्हीं मुश्किलों को कम करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर कई शानदार स्कीमें चला रही हैं. पीएम किसान सम्मान निधि से लेकर फसल बीमा तक, ऐसी कई योजनाएं हैं जो किसानों को आर्थिक मजबूती और सुरक्षा कवच प्रदान करती हैं. अगर इन सरकारी सुविधाओं का सही समय पर और सही तरीके से लाभ लिया जाए, तो खेती घाटे का सौदा नहीं बल्कि एक फायदे वाला बिजनेस बन सकती है.
पीएम किसान सम्मान निधि
खेती के छोटे-मोटे खर्चों जैसे बीज, खाद या जुताई के लिए अक्सर किसानों को दूसरों से उधार लेना पड़ता था, लेकिन पीएम किसान योजना ने इस समस्या को काफी हद तक हल कर दिया है. इस स्कीम के तहत पात्र किसानों को हर साल 6000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में दी जाती है.
- यह पैसा साल भर में 2000-2000 रुपये की तीन बराबर किस्तों में मिलता है. जिससे खेती के पीक सीजन में किसानों के पास नगद राशि उपलब्ध रहे.
- पूरी प्रोसेस डिजिटल है. जिससे बिचौलियों का डर खत्म हो गया है और पैसा सीधे लाभार्थी तक पहुँचता है.
- अगर आप भी एक किसान हैं तो बस अपनी ई-केवाईसी (e-KYC) और भू-लेखों का सत्यापन करवाकर इस योजना का निरंतर लाभ उठा सकते हैं.
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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
खेती में सबसे बड़ा रिस्क मौसम का होता है. क्योंकि भारी बारिश, ओलावृष्टि या सूखा पल भर में पूरी मेहनत बर्बाद कर सकता है. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए इसी जोखिम के खिलाफ एक ढाल की तरह काम करती है. इसमें बहुत कम प्रीमियम भरकर किसान अपनी फसल का बीमा करवा सकते हैं.
- कुदरती आपदाओं की वजह से होने वाले नुकसान की भरपाई सरकार और बीमा कंपनियां मिलकर करती हैं जिससे किसान को बड़ा आर्थिक झटका नहीं लगता.
- रबी, खरीफ और बागवानी फसलों के लिए अलग-अलग प्रीमियम दरें तय की गई हैं जो किसानों की जेब पर भारी नहीं पड़तीं.
- क्लेम की प्रक्रिया अब काफी आसान हो गई है और नुकसान होने पर इसकी सूचना घर बैठे ऐप या हेल्पलाइन के जरिए दी जा सकती है
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)
साहूकारों के ऊंचे ब्याज दर वाले कर्ज के जाल से बचाने के लिए सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड यानी केसीसी की शुरुआत की है. यह स्कीम किसानों को बहुत ही कम ब्याज दर पर खेती और पशुपालन से जुड़े कामों के लिए लोन उपलब्ध कराती है.
- केसीसी के जरिए मिलने वाला लोन बाजार के मुकाबले काफी सस्ता होता है और समय पर पैसा लौटाने पर ब्याज में और भी छूट मिलती है.
- इस कार्ड का इस्तेमाल किसान खाद, बीज, कीटनाशक खरीदने या खेती की मशीनरी की मरम्मत के लिए अपनी जरूरत के हिसाब से कर सकते हैं.
- अब तो इस योजना का विस्तार पशुपालकों और मछली पालन करने वालों के लिए भी कर दिया गया है जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है.
पीएम कृषि सिंचाई योजना
खेती की सफलता काफी हद तक सही सिंचाई पर टिकी होती है, और इसी जरूरत को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना पर जोर दिया जा रहा है. इसका मुख्य नारा है ‘प्रति बूंद अधिक फसल’. जिसका मकसद पानी की बचत के साथ पैदावार को बढ़ाना है.
- सरकार ड्रिप और स्प्रिंकलर (फव्वारा) सिंचाई सिस्टम लगाने के लिए किसानों को भारी सब्सिडी दे रही है जिससे पानी और खाद दोनों की बचत होती है.
- इस योजना के जरिए उन इलाकों तक पानी पहुँचाने की कोशिश की जा रही है जहां सिंचाई के साधन सीमित हैं या खेती सिर्फ बारिश पर निर्भर है
- आधुनिक सिंचाई तकनीक अपनाने से न केवल फसल की क्वालिटी सुधरती है बल्कि लेबर का खर्च भी काफी कम हो जाता है जिससे किसान का मुनाफा बढ़ता है.
सरकारी योजनाओं का सही तालमेल किसानों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है.
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