
डीजल की बढ़ती कीमतें सीधे तौर पर खेती की लागत यानी इनपुट कॉस्ट को बढ़ा देती हैं. ट्रैक्टर से जुताई करना हो या थ्रेशर चलाना, हर मशीन को चलाने के लिए अब ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं. किसान भाइयों के लिए यह दोहरी मार जैसा है क्योंकि डीजल महंगा होने से प्रति एकड़ खेती का खर्चा काफी बढ़ गया है.


