Thursday, April 9, 2026
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एक एकड़ पर 10000 रुपये! किसानों को इस स्कीम में पैसा दे रही छत्तीसगढ़ सरकार, ऐसे करें अप्लाई


Rajiv Gandhi Kisan Nyay Yojana:  देश में करोड़ों की संख्या में किसान रहते हैं. जिनके लिए केंद्र सरकार से लेकर अलग-अलग राज्यों की सरकारें कई तरह की योजनाएं चलाती रहती हैं. इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार की राजीव गांधी किसान न्याय योजना चला रही है. जहाँ अक्सर किसान लागत और गिरते मुनाफे को लेकर परेशान रहते हैं. वहीं यह स्कीम उनके सीधे बैंक खाते में नकद मदद पहुंचाकर उन्हें एक सुरक्षा कवच दे रही है. 

इस योजना का मकसद राज्य के किसानों को धान के अलावा दूसरी फसलों की तरफ प्रोत्साहित करना है. जिससे वे सिर्फ एक ही फसल के भरोसे न रहें. अगर आप भी छत्तीसगढ़ के किसान हैं. तो यह खबर आपकी किस्मत चमका सकती है क्योंकि प्रति एकड़ के हिसाब से मिलने वाली यह राशि किसी बड़ी लॉटरी से कम नहीं है. जान लीजिए कैसे आप इस स्कीम में कर सकते हैं आवदेन.

प्रति एकड़ 10000 रुपये का फायदा

इस योजना के तहत सरकार किसानों को इनपुट सब्सिडी के रूप में मोटी रकम दे रही है. अगर आप धान की जगह कोदो-कुटकी, रागी, दलहन, तिलहन या उद्यानिकी फसलें लगाते हैं. तो सरकार आपको 10000 रुपये प्रति एकड़ की दर से सहायता राशि प्रदान करती है. धान की फसल उगाने पर यह मदद 9000 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से दी जाती है.

  • यह पैसा सीधे किसानों के बैंक अकाउंट में डीबीटी (DBT) के जरिए किस्तों में भेजा जाता है.
  • फसल विविधीकरण (Crop Diversification) अपनाने वाले किसानों को यहां ज्यादा प्राथमिकता और बड़ा इंसेंटिव मिलता है.

सरकार का मकसद यह है कि किसान अपनी मेहनत का सही मोल पाएं और बाजार के उतार-चढ़ाव से उनका बजट न बिगड़े.

यह भी पढ़ें: नाइट्रोजन-फास्फेट और सल्फर-पोटाश पर कितनी मिलती है सब्सिडी, जान लें इनकी असली कीमत?

कौन उठा सकता है इस स्कीम का लाभ?

राजीव गांधी किसान न्याय योजना का फायदा उठाने के लिए कुछ बुनियादी शर्तों को पूरा करना जरूरी है. सबसे पहली शर्त यह है कि किसान छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना चाहिए और उसके पास अपनी खेती लायक जमीन होनी चाहिए. इस योजना में छोटे, सीमांत और बड़े हर तरह के किसानों को शामिल किया गया है ताकि कोई भी पीछे न छूटे.

  • पट्टेदार और बटाईदार किसान भी कुछ खास नियमों के साथ इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं.
  • रजिस्ट्रेशन के समय आधार कार्ड, बैंक पासबुक और भू-स्वामित्व के दस्तावेज होना जरूरी है.

यह स्कीम उन लोगों के लिए सबसे बेस्ट है जो पारंपरिक खेती के साथ-साथ कुछ नया प्रयोग करना चाहते हैं और सरकार से आर्थिक बैकअप चाहते हैं.

कैसे करें इस स्कीम में आवदेन?

अगर आप इस योजना से जुड़ना चाहते हैं. तो प्रोसेस डिजिटल फ्रेंडली है. किसानों को https://agriportal.cg.nic.in/PortHi/ पर जाकर अपना ऑनलाइन पंजीकरण कराना होता है. या फिर आप अपने नजदीकी प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति या लोक सेवा केंद्र (CSC) के जरिए भी फॉर्म भर सकते हैं.

  • रजिस्ट्रेशन के बाद कृषि विभाग के अधिकारी आपकी फसल और रकबे का फिजिकल वेरिफिकेशन करते हैं.
  • डेटा सही पाए जाने पर आपकी सब्सिडी की राशि सीधे आपके लिंक्ड बैंक खाते में समय-समय पर क्रेडिट कर दी जाती है.

बस ध्यान रखें कि आवेदन की समय सीमा के भीतर ही सारे डॉक्युमेंट्स जमा करें जिससे आपको समय पर पैसा मिल सके और आपकी खेती की गाड़ी बिना रुके चलती रहे.

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