Thursday, April 16, 2026
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गर्मियों में सोना उगलेगा खेत, टमाटर उगाने का यह तरीका किसानों को कर देगा मालामाल


Tomatoes Cultivation Tips: गर्मियों के मौसम में जब ज्यादातर फसलें सूरज की तपिश झेल नहीं पातीं. उस वक्त टमाटर की खेती किसानों के लिए चांदी काटने का मौका लेकर आती है. अक्सर देखा गया है कि इस दौरान बाजार में टमाटर की आवक कम हो जाती है. जिससे इसके दाम आसमान छूने लगते हैं. अगर किसान भाई गर्मी को मात देने वाली सही तकनीक और वैरायटी का चुनाव कर लें. 

तो उनका खेत सच में सोना उगलने लगेगा. गर्मी में टमाटर उगाना थोड़ा चुनौतीपूर्ण जरूर है. लेकिन सही प्लानिंग के साथ यह सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाली फसल साबित होती है. आज के दौर में खेती सिर्फ मेहनत का काम नहीं रह गया है. बल्कि यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप बदलती परिस्थितियों के हिसाब से खुद को कितना अपडेट रखते हैं.

खेती शुरू करते वक्त ये बातें ध्यान रखें

गर्मियों में कामयाबी का पहला कदम है ऐसी वैरायटी चुनना जो ज्यादा तापमान को सह सके. हाइब्रिड किस्में जैसे कि अर्का रक्षक या पूसा हाइब्रिड-4 इस मौसम के लिए काफी अच्छी मानी जाती हैं क्योंकि ये जल्दी खराब नहीं होतीं और पैदावार भी भरपूर देती हैं. नर्सरी तैयार करते समय शेड नेट का इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है ताकि छोटे पौधों को सीधी धूप से बचाया जा सके. जब पौधे थोड़े बड़े और मजबूत हो जाएं, तभी उन्हें मुख्य खेत में शिफ्ट करें.

  • पौधों को हमेशा शाम के वक्त ही खेत में लगाएं ताकि उन्हें रात की ठंडक में जमने का मौका मिले.
  • खेत की तैयारी के समय अच्छी मात्रा में सड़ी हुई गोबर की खाद डालना मिट्टी की नमी रोकने में मदद करता है.

सही बीज और पौधों की शुरुआती देखभाल ही तय करती है कि आगे चलकर फसल कितनी जोरदार होगी.

यह भी पढ़ें: परवल की खेती का सीक्रेट, इस तरीके को अपनाते ही खेतों में लद जाएंगे फल, किसान हो जाएंगे मालामाल

सिंचाई का रखें खास ख्याल

भीषण गर्मी में टमाटर की फसल को सूखने से बचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है. यहां पारंपरिक तरीके के बजाय सिंचाई की आधुनिक विधियां अपनाना ज्यादा फायदेमंद रहता है. मल्चिंग का इस्तेमाल करने से मिट्टी की नमी उड़ती नहीं है और जड़ों के पास ठंडक बनी रहती है. जिससे फल झुलसने से बच जाते हैं. पानी देने का सबसे सही समय सुबह जल्दी या सूरज ढलने के बाद का होता है.  जिससे पौधों को तनाव महसूस नहीं होता और वे तेजी से बढ़ते हैं.

  • ड्रिप सिस्टम के जरिए पानी देने से पौधों की जड़ों को जरूरत के हिसाब से नमी मिलती रहती है.
  • मल्चिंग पेपर न केवल पानी बचाता है बल्कि खरपतवार को भी उगने से रोकता है, जिससे खाद-पानी सीधे पौधों को मिलता है.

पानी का सही मैनेजमेंट ही वह फर्क पैदा करता है जो एक साधारण फसल को बंपर पैदावार में बदल देता है.

कीटों से सुरक्षा का इंतजाम

गर्मियों में टमाटर की फसल पर सफेद मक्खी और पत्ता मरोड़ जैसे रोगों का खतरा बढ़ जाता है. इनसे बचने के लिए जैविक कीटनाशकों का इस्तेमाल और समय-समय पर पौधों की निगरानी बहुत आवश्यक है. जैसे ही टमाटर पकना शुरू हों, उन्हें तुरंत तोड़कर ठंडी और छायादार जगह पर रखें. बाजार में अच्छी पकड़ बनाने के लिए ग्रेडिंग करना न भूलें. क्योंकि साफ-सुथरे और एक साइज के टमाटरों को व्यापारी ऊंचे दामों पर हाथों-हाथ उठाते हैं.

  • फसल को सहारा देने के लिए बांस और तार का उपयोग करें. जिससे फल जमीन को न छुएं और सड़ने से बचें.
  • अगर आप टमाटर को सीधे लोकल मंडी के बजाय बड़ी सिटी मार्केट में भेजें, तो मुनाफे की गुंजाइश और बढ़ जाती है.

सही समय पर सही मंडी तक अपनी फसल पहुंचाना ही आपको एक आम किसान से सफल एग्री-बिजनेसमैन बनाता है.

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