Beans In Kitchen Garden: किचन गार्डन का मतलब अब सिर्फ धनिया और मिर्च उगाना नहीं रह गया है. बल्कि यह आपकी सेहत और स्वाद का एक नया पता बन चुका है. आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में घर की उगी ताजी बीन्स न सिर्फ आपके सलाद को फ्रेश बनाएंगी. बल्कि आपकी किचन की बास्केट को भी हमेशा भरा रखेंगी. बीन्स उगाने की सबसे अच्छी बात यह है कि इन्हें बहुत ज्यादा तामझाम की जरूरत नहीं होती.
ये बहुत कम जगह में भी शानदार तरीके से फलती-फूलती हैं. अगर आपके पास बालकनी में थोड़े से गमले या पीछे के हिस्से में छोटी सी जमीन है. तो आप आसानी से इनकी खेती शुरू कर सकते हैं. बीन्स प्रोटीन और फाइबर का खजाना होती हैं. इसलिए इन्हें घर पर उगाना आपके परिवार की डाइट को सुधारने का एक बेहतरीन और आसान तरीका है.
किचन गार्डन मेंऐसे उगाएं बीन्स
बीन्स उगाने की शुरुआत हमेशा सही बीजों के चुनाव से होती है. आप अपनी पसंद के हिसाब से झाड़ीदार बीन्स या बेल वाली बीन्स चुन सकते हैं. झाड़ीदार बीन्स छोटे गमलों के लिए बेस्ट होती हैं. जबकि बेल वाली बीन्स के लिए आपको थोड़े सहारे या जाली की जरूरत पड़ेगी. मिट्टी तैयार करते समय ध्यान रखें कि वह भुरभुरी और उपजाऊ हो.
मिट्टी में थोड़ी पुरानी गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट मिला देने से पौधों को जरूरी पोषण मिलता रहता है. कोशिश करें कि मिट्टी में जलभराव न हो. क्योंकि बीन्स की जड़ों को हवा की जरूरत होती है और ज्यादा पानी इन्हें सड़ा सकता है. बीजों को सीधे मिट्टी में करीब एक इंच गहरा बोना ही सबसे सही रहता है.
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धूप और पानी का रखें ध्यान
बीन्स को सूरज की रोशनी बहुत पसंद है. इसलिए अपने पौधों को ऐसी जगह रखें जहां कम से कम 6 से 7 घंटे की अच्छी धूप आती हो. अगर धूप कम मिलेगी तो पौधों की ग्रोथ तो होगी लेकिन उनमें फलियां कम लगेंगी. पानी देने के मामले में थोड़ा सतर्क रहना जरूरी है. हमेशा मिट्टी की ऊपरी सतह चेक करें और जब वह सूखी लगे तभी पानी दें.
ध्यान रखें कि पानी हमेशा पौधों की जड़ों में दें. पत्तियों पर पानी छिड़कने से फंगस लगने का डर रहता है. जब पौधों में फूल आने लगें. तो नमी का खास ख्याल रखें क्योंकि उस वक्त पानी की कमी होने से फूल गिर सकते हैं और बीन्स खराब हो सकती हैं.
इस समय पर करें हार्वेस्टिंग
पौधों को कीड़ों से बचाने के लिए आप नीम के तेल का स्प्रे या घर पर बना ऑर्गेनिक घोल इस्तेमाल कर सकते हैं. बीन्स के पौधों को बहुत ज्यादा खाद की जरूरत नहीं होती क्योंकि ये खुद मिट्टी में नाइट्रोजन फिक्स करने का काम करते हैं. जैसे ही फलियां थोड़ी बड़ी और सख्त होने लगें. उन्हें तोड़ना शुरू कर दें.
बीन्स को जितना जल्दी और रेगुलर तौर पर तोड़ेंगे. पौधा उतना ही ज्यादा नई फलियां पैदा करेगा. घर की उगी बीन्स इतनी नरम और मीठी होती हैं कि आप इन्हें कच्चा सलाद में खाएं या हल्का फ्राई करके सब्जी बनाएं. इनका स्वाद बाजार वाली बीन्स से कहीं ज्यादा बेहतर और लाजवाब होता है.
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