Farming Tips: आजकल हर किसान के मन में एक ही सवाल है कि ज्यादा कमाई के लिए कौन सा रास्ता सही है. पुराना रासायनिक तरीका या फिर नया जैविक मॉडल. रसायनों वाली खेती ने हमें शुरुआत में बंपर पैदावार तो दी. लेकिन धीरे-धीरे इसने मिट्टी की ताकत चूस ली और लागत को आसमान पर पहुंचा दिया. वहीं दूसरी तरफ जैविक और प्राकृतिक खेती अब एक बड़े ट्रेंड के रूप में उभर रही है.
क्योंकि लोग अपनी सेहत को लेकर काफी जागरूक हो गए हैं. मुनाफे का अब सिर्फ इस बात पर निर्भर नहीं करता कि फसल कितनी हुई बल्कि इस पर निर्भर करता है कि जेब से खर्च कितना हुआ और आखिर में आपको शुद्ध बचत कितनी हुई. तो चलिए आपको कंपेयर करके बताते हैं कि आज के इस दौर में जैविक या रासायनिक किस खेती में ज्यादा मुनाफा है.
जैविक-रासायनिक खेती के फायदे
रासायनिक खेती का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट इसकी इंस्टेंट ग्रोथ है. इसमें यूरिया और डीएपी जैसे खादों के इस्तेमाल से फसल तेजी से बढ़ती है और शुरू में पैदावार भी अच्छी मिलती है. यह उन किसानों के लिए आसान है जो पारंपरिक तरीके से जल्दी रिजल्ट चाहते हैं. वहीं जैविक खेती के फायदों की बात करें.
तो यह पूरी तरह से लो-कॉस्ट मॉडल है. इसमें आप घर पर ही खाद और कीटनाशक तैयार कर लेते हैं. जिससे बाजार पर आपकी निर्भरता खत्म हो जाती है. सबसे बड़ी बात यह है कि जैविक उत्पाद स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित होते हैं और इनकी मार्केट वैल्यू रासायनिक फसलों के मुकाबले कहीं ज्यादा होती है.
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दोनों में क्या-क्या नुकसान हैं?
रासायनिक खेती का सबसे बुरी बात यह है कि यह धीरे-धीरे जमीन को जहरीला और बंजर बना देती है. हर साल किसान को पिछले साल से ज्यादा खाद डालनी पड़ती है. जिससे खेती घाटे का सौदा बन जाती है. तो साथ ही इसमें इस्तेमाल होने वाले पेस्टिसाइड सेहत के लिए बेहद खतरनाक हैं.
दूसरी ओर जैविक खेती का मुख्य नुकसान यह है कि इसमें शुरू के 2-3 साल पैदावार में थोड़ी कमी आ सकती है क्योंकि मिट्टी को रसायनों की आदत छूटने में वक्त लगता है. इसमें मेहनत और निगरानी भी ज्यादा चाहिए होती है. क्योंकि ऑर्गेनिक खाद को तैयार करने में समय और सही प्रोसेस की जरूरत पड़ती है.
ज्यादा मुनाफा किसमें?
विशेषज्ञों और एक्सपीरियंस के आधार पर देखें तो लॉन्ग टर्म में जैविक खेती ही ज्यादा मुनाफे वाली है. रासायनिक खेती में भले ही फसल ज्यादा दिखे. लेकिन महंगी खाद और दवाइयों का खर्च मुनाफे को कम कर देता है. जैविक खेती में लागत लगभग जीरो होती है और फसल की क्वालिटी इतनी प्रीमियम होती है.
शहरों में इसके खरीदार ज्यादा पैसे देने को तैयार रहते हैं. अगर कोई किसान अपनी उपज की सही मार्केटिंग करे. तो जैविक और प्राकृतिक खेती उसे रासायनिक खेती के मुकाबले कहीं ज्यादा शुद्ध मुनाफा और बेहतर जीवन दे सकती है.
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