21 साल का हुआ ‘छोटा हाथी’
टाटा मोटर्स ने लॉन्च की नई ‘ऐस’ गोल्ड+ एक्सएल; ‘इक्कीस साल बेमिसाल’ कैम्पेन के साथ तरक्की के 21 सालों का जश्न मनाया

मुंबई, 5 मई 2026: भारत की सबसे बड़ी कमर्शियल वाहन निर्माता कंपनी, टाटा मोटर्स ने अपने प्रतिष्ठित टाटा ऐस के शानदार 21 साल पूरे होने का जश्न मनाते हुए आज टाटा ऐस गोल्ड+ एक्सएल को लॉन्च किया। यह नया वेरिएंट भारी सामान ढोने और बड़े बॉडी साइज की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। टाटा ऐस, जिसे प्यार से ‘छोटा हाथी’ भी कहा जाता है, ने भारत में छोटे मालवाहक वाहनों के बाजार को पूरी तरह बदल दिया है। यह नया मॉडल देश के बढ़ते उद्यमियों की बदलती जरूरतों को पूरा करने के लिए पेश किया गया है।
इस खास मौके पर टाटा मोटर्स ने ‘इक्कीस साल बेमिसाल’ कैंपेन की शुरुआत की है। यह अभियान उन लाखों उद्यमियों के लिए लाया गया है जिन्होंने इस छोटा हाथी के जरिए कमाई की और अपने बिजनेस को आगे बढ़ाया। इस अभियान के तहत ग्राहकों को ध्यान में रखकर कई पहलें चलाई जाएंगी जिनमें महिला उद्यमियों को 21,000 रुपये तक के अतिरिक्त लाभ देना भी शामिल है। इससे समावेशी विकास के लिए कंपनी की दीर्घकालिाक प्रतिबद्धता भी मजबूत होती है।
नए मॉडल को लॉन्च करते हुए, टाटा मोटर्स लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट और बिजनेस हेड (एससीवीपीयू), श्री पिनाकी हलदर ने कहा, “नए ऐस गोल्ड+ एक्सएल के लॉन्च के साथ, टाटा मोटर्स भारत के सबसे परिवर्तनकारी कमर्शियल वाहन के अगले अध्याय की शुरुआत कर रही है—एक ऐसा वाहन जो आधुनिक इंट्रा-सिटी और लास्ट-माइल लॉजिस्टिक्स की जरूरतों को पूरा करने के लिए लगातार विकसित हो रहा है। अधिक भार ढोने के लिए ऐस की उपयोगिता को बढ़ाते हुए, ऐस गोल्ड+ एक्सएल को आज के उद्यमियों के लिए अधिक दक्षता, विश्वसनीयता और ओनरशिप का शानादार अनुभव देने के लिए डिज़ाइन किया गया है।”
2005 में लॉन्च हुई टाटा ऐस ने भारत में छोटे फोर-व्हील कमर्शियल वाहनों की शुरुआत की और छोटे कारोबारों व डिलीवरी सिस्टम को बड़ा सहारा दिया। पिछले 21 सालों में इसकी मांग लगातार बनी रही है—औसतन हर 4.25 मिनट में एक टाटा ऐस बिकी है। अब तक 26 लाख से ज्यादा लोग इसे खरीद चुके हैं, जो इसकी भरोसेमंदता और लोकप्रियता दिखाता है।
नई ऐस गोल्ड+ एक्सएल : ज्यादा लोड। ज्यादा कमाई। ज्यादा वैल्यू
ऐस गोल्ड+ एक्सएल को सीधे तौर पर मालिक के मुनाफे को बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। 8-फुट लंबी लोड बॉडी और 1-टन पेलोड क्षमता के साथ, यह हर ट्रिप में अधिक माल ले जाने में सक्षम है—जिसका सीधा मतलब है कठिन डिलीवरी चक्रों के दौरान बेहतर उपयोग और कमाई की अधिक संभावना।
उन्नत लीन NOx ट्रैप (एलएनटी) तकनीक से लैस, ऐस गोल्ड+ एक्सएल में डीजल एग्जॉस्ट फ्लूइड (डीईएफ) की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे वाहन को चलाने की जटिलता और रखरखाव का प्रयास दोनों कम हो जाते हैं। इसका परिणाम है कम ओनरशिप लागत, बेहतर अपटाइम और अधिक मानसिक शांति—जो उन उद्यमियों के लिए बेहद जरूरी है जो हर दिन अपने वाहन पर निर्भर रहते हैं। NOx में 700cc का टर्बोचार्ज्ड डीजल इंजन है, जो 22 PS की पावर और 55 Nm का टॉर्क पैदा करता है—इससे चुनौतीपूर्ण लास्ट-माइल ऑपरेशंस में निरंतर और भरोसेमंद प्रदर्शन मिलता है।
ये सभी सुधार मिलकर ऐस गोल्ड+ एक्सएल को मौजूदा ऐस मालिकों के लिए एक बेहतरीन अपग्रेड और भारत के तेजी से बढ़ते लास्ट-माइल इकोसिस्टम में शामिल होने वाले नए उद्यमियों के लिए एक मजबूत विकल्प बनाते हैं।
मजबूत एससीवी इकोसिस्टम का समर्थन
टाटा ऐस गोल्ड+ एक्सएल को टाटा मोटर्स के छोटे कमर्शियल वाहनों के संपूर्ण इकोसिस्टम का समर्थन प्राप्त है। कंपनी का पोर्टफोलियो—जिसमें ऐस प्रो, एस, इंट्रा और योद्धा शामिल हैं—750 किलोग्राम से लेकर 2 टन तक की पेलोड जरूरतों को पूरा करता है और डीजल, पेट्रोल, सीएनजी, बाई-फ्यूल व इलेक्ट्रिक पावरट्रेन विकल्पों में उपलब्ध है।
इसके साथ ही, टाटा मोटर्स का ‘Sampoorna Seva 2.0′ प्रोग्राम वाहन के पूरे जीवनचक्र के दौरान सहायता प्रदान करता है। देश भर में 2,500 से अधिक सर्विस और स्पेयर पार्ट्स आउटलेट्स का नेटवर्क और प्रशिक्षित तकनीशियनों का ‘स्टार गुरु’ इकोसिस्टम यह सुनिश्चित करता है कि ग्राहकों को ओनरशिप के हर चरण में पूरा सहयोग मिले।
नए ऐस गोल्ड+ एक्सएल के साथ, टाटा मोटर्स भारत के उद्यमियों की प्रगति को रफ्तार देने की अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत कर रही है। कंपनी एक ऐसी विरासत को आगे बढ़ा रही है जिसने आजीविका को संवारा है, लॉजिस्टिक्स को मजबूती दी है और हर सफर के साथ देश की उन्नति में योगदान दिया है।


