Monday, May 18, 2026
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Cloves Farming Tips: लौंग की खेती कर मालामाल बन सकते हैं किसान, जानें फसल बुवाई का तरीका


Cloves Farming Tips : भारत में मसालों की खेती हमेशा से ही फायदेमंद रही है, लेकिन आज के समय में लौंग की खेती किसानों के लिए खासतौर पर एक बेस्ट ऑप्शन बन गई है. लौंग अपने औषधीय गुणों की वजह से आयुर्वेद, डेंटल केयर और फूड इंडस्ट्री में भी बहुत यूज होती है. लौंग एक ऐसा पेड़ है जो हमेशा हरा-भरा रहता है और कई सालों तक फल देता है. इसके पौधे लगभग 100 से 150 साल तक फल देते रहते हैं और लगभग 4 से 5 साल बाद फल देना शुरू करते हैं.

अगर सही देखभाल और बुवाई की जाए तो किसान प्रति एकड़ अच्छी इनकम कमा सकते हैं. औसतन एक पौधे से 2 से 3 किलो लौंग मिल जाती है और बाजार में इसकी कीमत 700 से 1000 प्रति किलोग्राम तक होती है. ऐसे में आइए जानते हैं कि लौंग की खेती कर किसान कैसे मालामाल बन सकते हैं और इसकी फसल बुवाई का तरीका क्या है. 
 
लौंग की खेती कर किसान कैसे मालामाल बन सकते हैं?  

लौंग की खेती से किसान अच्छी कमाई कर सकते हैं क्योंकि एक पौधा औसतन 2 से 3 किलो लौंग देता है और प्रति एकड़ लगभग 200 से 300 किलो उत्पादन होता है. बाजार में इसकी कीमत 700 से 1000 प्रति किलो रहती है, इसलिए अगर प्रति एकड़ 250 किलो उत्पादन और औसत कीमत 800 प्रति किलो है, तो किसान की इनकम लगभग 2,00,000 तक हो सकती है. साथ ही सही देखभाल, पोषण और बाजार के अनुसार समय पर बिक्री करने पर किसान प्रति एकड़ 2 से 2.5 लाख रुपये तक कमा सकते हैं. 

लौंग की खेती कैसे करें?

1. लौंग की खेती के लिए गर्मियों में तापमान 30-35°C और सर्दियों में लगभग 15°C होना चाहिए. ज्यादा गर्मी या तेज ठंड पौधों के ग्रोथ को रोक देती है. इसके अलावा लौंग के पौधे छायादार और हवादार स्थान में अच्छे से बढ़ते हैं. 

2. लौंग की खेती के लिए उर्वर, दोमट या बलुई दोमट मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है. मिट्टी में अच्छी जल निकासी होनी चाहिए और वह जैविक पदार्थों से पूरी हो. साथ ही मिट्टी का pH लगभग 6.5-7.5 होना चाहिए. इसके अलावा जलभराव वाली भूमि से बचना जरूरी है, क्योंकि पानी जमा होने पर पौधों में जड़ सड़न जैसी बीमारियां हो सकती हैं. 
 
4. लौंग की अच्छी पैदावार के लिए स्वस्थ बीज का चयन करना बहुत जरूरी है.  बीज पूरी तरह पके हुए फल से निकालें और बुवाई से पहले रात भर पानी में भिगो दें. नर्सरी में बीज लगाने के लिए उपजाऊ मिट्टी और जैविक खाद का मिश्रण तैयार करें. बीज को 10 सेंटीमीटर की दूरी पर पंक्तियों में लगाएं और हल्की सिंचाई करें. पौध तैयार होने में लगभग 2 साल लगते हैं. ऐसे में रोपाई के लिए पौधे 3 से 4 फीट ऊंचाई वाले, मजबूत जड़ वाले होने चाहिए. 

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इसकी फसल बुवाई का तरीका क्या है?

लौंग के पौधों को लगाने के लिए पौधे से पौधे की दूरी 15 से 20 फीट रखी जाती है. इस दूरी के अनुसार प्रति एकड़ लगभग 100-120 पौधे लगाए जा सकते हैं. सही दूरी पर पौधे लगाने से उन्हें पूरी जगह और पोषण मिलता है. लेकिन खेती से पहले खेत की गहरी जुताई करें. वहीं लौंग की रोपाई बरसात के मौसम में करें, पौधों को गड्ढे में रखकर मिट्टी से ढकें और हल्की सिंचाई करें. रोपाई के समय 15 से 20 किलो गोबर की खाद डालें, साथ ही गर्मियों में हफ्ते में 1 से 2 बार और सर्दियों में 15 से 20 दिन में सिंचाई करें. पहली निराई रोपाई के 1 महीने बाद करें. ऐसे में लौंग का पौधा 4 से 5 साल में फल देना शुरू करता है. लास्ट में फूल की कलियां गुलाबी और लाल होने पर तोड़कर धूप में सुखाएं. 

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