Summer Crop Protection: मई के इस महीने में जब सूरज देवता आग उगल रहे हैं और पारा आसमान छू रहा है, तब भी हमारे देश के जांबाज किसान खेतों में डटे हुए हैं. खासकर उन इलाकों में जहां मिर्च, कपास, केला और पपीते की बंपर खेती होती है, वहां गर्मी और जानलेवा लू फसलों की कड़ी परीक्षा ले रही है. प्रशासन भले ही लोगों को दोपहर में बाहर न निकलने की सलाह दे रहा हो, लेकिन खेतों को सूना नहीं छोड़ा जा सकता.
ऐसे में खरगौन के किसानों ने हार मानने के बजाय कमाल के देसी और इनोवेटिव जुगाड़ खोज निकाले हैं. ये तरीके न सिर्फ फसलों को झुलसने से बचा रहे हैं. बल्कि तपते खेतों को एकदम कूल-कूल रख रहे हैं. आधुनिक तकनीकों और पारंपरिक सूझबूझ के इस बेहतरीन कॉम्बिनेशन से किसान न सिर्फ अपनी फसल सुरक्षित रख रहे हैं. बल्कि इस कड़कड़ाती धूप में भी बंपर मुनाफे की पूरी गारंटी तैयार कर रहे हैं.
सन के पौधों का नेचुरल छाता
इस जानलेवा गर्मी में पौधों को सनबर्न और लू से बचाने के लिए किसानों ने एक गजब का इको-फ्रेंडली हैक निकाला है. केला, पपीता और मिर्च जैसी नाजुक फसलों के चारों तरफ किसान सन (जिससे रस्सी बनती है) के पौधे लगा रहे हैं. ये सन के पौधे बहुत तेजी से बड़े हो जाते हैं और मुख्य फसल के लिए एक ऊंचे, नेचुरल छाते या ग्रीन नेट की तरह काम करते हैं.
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लपट से फसलों का फुल प्रोटेक्शन
इससे खेतों में छनकर धूप आती है और गर्म हवाओं यानी लपट का सीधा असर पौधों पर नहीं पड़ता, जिससे मिट्टी की नमी भी बनी रहती है. सबसे मजेदार बात यह है कि जब मुख्य फसल बड़ी और मजबूत हो जाती है, तब इन सन के पौधों को काटकर हटा दिया जाता है. यह पूरी तरह से जीरो-कॉस्ट और बेहद असरदार देसी सुरक्षा कवच है.
छायादार शेडिंग तकनीकों का इस्तेमाल
फसलों को बचाने का यह पूरा खेल सिर्फ पारंपरिक तरीकों तक सीमित नहीं है, बल्कि किसान इसमें आधुनिक साइंस भी जोड़ रहे हैं. कई प्रगतिशील किसान एडवांस क्राफ्टिंग और स्पेशल छायादार शेडिंग तकनीकों का इस्तेमाल करके छोटे पौधों को सीधा कवर दे रहे हैं. इस काम में उद्यानिकी विभाग भी पूरी तरह एक्टिव है और किसानों को गर्मी में बेस्ट वॉटर मैनेजमेंट, सही समय पर सिंचाई और पौध संरक्षण की सटीक सलाह दे रहा है.
नर्मदा से मिल रही है मदद
जिन इलाकों में नर्मदा का पानी उपलब्ध है. वहां के किसान दिन-रात एक करके नमी को मेंटेन रखने की ड्रिप और स्प्रिंकलर तकनीकों का फायदा उठा रहे हैं. किसानों का साफ मानना है कि अगर इस मौसम में थोड़ी सी एक्स्ट्रा केयर और नई टेक्नोलॉजी अपना ली जाए तो खेती सच में सबसे फायदे का सौदा साबित होती है.
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