भारत में डेरी फार्मिंग ग्रामीण और छोटे शहरों में कमाई का एक बेहतरीन जरिया बन गया है. अगर आप भी एक नया डेरी फार्म खोलने की सोच रहे हैं, तो इसके शुरुआती खर्च और मुनाफे की गणित को समझना बेहद जरूरी है. आइए जानते हैं कि एक मध्यम स्तर के डेरी फार्म को शुरू करने में कितनी लागत आती है और नए किसानों के लिए यह व्यवसाय कितना फायदेमंद है.
उससे पहले आइए जान लेते हैं डेरी फार्मिंग से जुड़ी कुछ और बातें, डेरी खोलने के लिए सबसे जरूरी है कि अच्छी नस्ल की गाय, भैंस का चयन करना. आपको सभी अच्छे नस्ल के जानवरों की जानकारी पहले से होनी चाहिए. इसके अलावा पशुओं को रखने की ऐसी जगह का चुनाव करें जहां पर खुली हवा आती हो. आइए जानते हैं डेरी फार्म कैसे शुरू करें.
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गांवों के साथ शहरों में भी बढ़ा क्रेज
जैसा कि प्रायः देखने में आता है कि डेरी फार्म का व्यवसाय ग्रामीणों के लिए आय का एक बढ़िया स्रोत साबित हो रहा है. खासतौर से अगर आप गांव में रहकर बढ़िया आमदनी पाना चाहते हैं, तो डेरी फार्म का व्यवसाय आपके लिए एक बढ़िया ऑप्शन बन सकता है. साथ ही इस बिजनेस में कम लागत में अच्छा मुनाफा है. इसके लिए आपको केवल उन पशुओं की आवश्यकता है जो दूध देते हैं. वहीं, दूध और डेरी प्रोडक्ट्स की बाजार मांग हमेशा बनी रहती है जिसके चलते ये कारोबार शहरों में भी खूब फला-फूला है.
बनते हैं कई प्रोडक्ट
डेयरी उद्योग की सबसे खास बात ये है कि किसान गाय के गोबर से लेकर दूध तक बेचकर लाखों रुपये महीने कमा रहे हैं. इसके अलावा जैविक खाद बनाने में भी गोबर का इस्तेमाल कर सकते हैं. वहीं, इसके दूध से भी कई तरह के उत्पाद बनाए जाते हैं.
मालामाल होने का अचूक उपाय
अपने बजट के अनुसार आप इस व्यापार की शुरुआत कर सकते हैं. अगर पशुपालक एक पशु से रोजाना 10 लीटर दूध भी प्राप्त कर लेता है. तो, अगर आपके पास 20 गाय-भैंस हैं, तो आपको रोज 200 लीटर दूध मिलता है. अगर आप इसे बाजार में प्रति लीटर 50 रुपये के हिसाब से भी बेचते हैं तो आप प्रतिदिन 10 हजार रुपये कमा सकते हैं. इस हिसाब से आप महीने में आराम से तीन लाख रुपये बना सकते हैं. अगर आप पशुओं की देखभाल के लिए 1 लाख रुपये तक खर्च कर देते हैं तो भी आप दो लाख रुपये के फायदे में रहेंगे. लेकिन इसके साथ इस बात का भी ध्यान रखें कि अगर नियमित रुप से रखरखाव नहीं किया गया तो नुकसान भी हो सकता है. इसलिए नियमित रखरखाव इस व्यवसाय में अनिवार्य प्रक्रिया है.
डेरी फार्म खोलने पर मिलती है सरकारी सहायता
इसके साथ ही विभिन्न योजनाओं के तहत नाबार्ड डेरी फार्म खोलने में रुचि रखने वाले किसानों को 25 प्रतिशत तक की सब्सिडी देता है. वहीं, एससी और एसटी किसानों को इसी काम के लिए 33.33 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाती है. नाबार्ड की इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसान, व्यक्तिगत उद्यमी, गैर सरकारी संगठन, कंपनियां आवेदन कर सकती हैं.
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