Strawberry Cultivation Tips: आज के समय में खेती करने के लिए बड़े-बड़े खेतों की जरूरत बिल्कुल नहीं है क्योंकि आधुनिक तकनीकों ने इस काम को बहुत आसान बना दिया है. आजकल मार्केट और बड़े शहरों के कैफे में स्ट्रॉबेरी की डिमांड हर सीजन में बहुत ज्यादा रहती है, जिसके कारण इसके दाम हमेशा ऊंचे बने रहते हैं. ऐसे में अगर आपके पास खुद का खेत नहीं है.
तो भी आप अपने घर की छत, बालकनी या छोटे से खाली स्पेस में स्ट्रॉबेरी उगाकर बेहतरीन कमाई कर सकते हैं. इस लाल और रसीले फल को उगाने के लिए बस थोड़े से स्मार्ट तरीके और सही तकनीक की समझ होनी चाहिए. चलिए आपको बताते हैं कि कैसे आप बिना किसी बड़े खेत के, अपने घर पर ही स्ट्रॉबेरी की इस प्रीमियम फसल को तैयार करके हर महीने तगड़ा मुनाफा कमा सकते हैं.
हाइड्रोपोनिक्स और वर्टिकल फार्मिंग का तरीका अपनाएं
बिना मिट्टी और बिना खेत के स्ट्रॉबेरी उगाने के लिए हाइड्रोपोनिक्स तकनीक इस समय सबसे बेस्ट और मॉडर्न ऑप्शन मानी जा रही है. इस सिस्टम में पौधों को मिट्टी के बजाय पोषक तत्वों से भरपूर पानी के सेटअप में लगाया जाता है. जिससे पौधों को सीधे सारे जरूरी विटामिंस मिल जाते हैं. इसके साथ ही आप वर्टिकल फार्मिंग यानी दीवार या स्टैंड पर एक के ऊपर एक पीवीसी पाइप या गमले लगाकर कम जगह में भी सैकड़ों पौधे आसानी से सेट कर सकते हैं.
यह भी पढ़ें: अलर्ट हो जाएं गन्ना किसान, जून में फसल को रहता है सबसे ज्यादा इन बीमारियों का खतरा
इस स्मार्ट तरीके का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि इसमें खरपतवार निकालने या मिट्टी की जुताई करने की कोई झंझट नहीं होती. तो साथ ही बंद या कंट्रोल्ड माहौल में रहने के कारण पौधों पर कीड़े-मकोड़ों और मौसम की मार का खतरा भी लगभग खत्म हो जाता है, जिससे फसल एकदम वीआईपी क्वालिटी की तैयार होती है.
कम लागत में बंपर पैदावार
पारंपरिक खेती के मुकाबले इस सेटअप में पानी की बचत भी 90 परसेंट तक होती है और कम जगह से ही तीन गुना ज्यादा उत्पादन मिल जाता है. अगर आप सिर्फ 1000 स्क्वायर फीट के छोटे से एरिया में वर्टिकल फार्मिंग का यह सेटअप लगाते हैं.
तो इसमें लगभग 3000 से 4000 पौधे आराम से आ जाते हैं. इस मॉडर्न तरीके से हर पौधे से सीजन में आधा किलो से ज्यादा स्ट्रॉबेरी निकलती है यानी कुल उत्पादन करीब 1500 से 2000 किलोग्राम तक हो जाता है.
इतनी होती है कमाई
मार्केट में फ्रेश स्ट्रॉबेरी का थोक भाव कम से कम 200 से 300 रुपए प्रति किलो आसानी से मिल जाता है. जिससे एक ही सीजन में करीब 4 से 6 लाख रुपए की मोटी कमाई होती है. इसमें से अगर शुरुआती इंफ्रास्ट्रक्चर और पौधों की लागत हटा दें, तो पहले ही सीजन में किसान भाई अपनी पूरी लागत वसूल करके ढाई से तीन लाख रुपए का शुद्ध मुनाफा अपनी जेब में डाल सकते हैं.
यह भी पढ़ें: सावन से पहले खेत में करें लौकी की खेती, कमा सकते हैं तगड़ा मुनाफा


