आदित्य बिरला ज्वैलरी के इंद्रिया ने पेश किया ‘स्पार्कल लाइक नो अदर‘ अभियान; हीरों की चमक को लाया सुर्खियों में
ओगिल्वी द्वारा तैयार किया गया यह अभियान इंद्रिया के हीरा चुनने के सर्वश्रेष्ठ मानकों को उजागर करता है, और हीरे की असाधारण चमक के आकर्षण को सबसे आगे रखा गया है
मुंबई, 25 जून: आदित्य बिरला ज्वैलरी के ब्रांड इंद्रिया ने अपने नए मार्केटिंग कैंपेन ‘स्पार्कल लाइक नो अदर’ को पेश किया है। इस अभियान में बेहतरीन चमक और गुणवत्ता वाले हीरों को सबसे आगे रखा गया है, जोकि एक उद्योग-प्रथम मानक (इंडस्ट्री – फर्स्ट बेंचमार्क) पर आधारित है और भारत में हीरे का चयन करने की परिभाषा को नए सिरे से पेश कर रहा है।
इस भरोसे के साथ कि हीरों की असली पहचान उसकी बेहतरीन चमक से ही होती है, यह अभियान ब्रांड के सबसे अच्छे हीरों को चुनने के नियमों पर बनाया गया है। ये नियम यह देखने के लिए बनाए गए हैं कि कोई हीरा रोशनी को किस तरह सोखता है, मोड़ता है और बाहर भेजता है, ताकि उससे सबसे शानदार चमक और झिलमिलाहट मिल सके। ‘इंद्रिया’ द्वारा चुने जाने वाले हर हीरे की बहुत कड़ाई से जांच की जाती है, और इसी वजह से हर 5 असली हीरों में से केवल 1 हीरा ही उनकी पसंद में जगह बना पाता है।
फिल्म का लिंक
इस विज्ञापन फिल्म में अदिति राव हैदरी नजर आ रही हैं। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे ये खास हीरे दूसरे हीरों के मुकाबले कहीं ज़्यादा चमकते हैं। इसे एक बहुत ही शांत और खूबसूरत पल के ज़रिए दिखाया गया है, अदिति बहुत सादगी से अपने दस्ताने उतारती हैं और उनके हीरों की चमक हर तरफ बिखर जाती है। उनका यह अंदाज़ बहुत सीधा-सादा है, लेकिन फिर भी तुरंत सबका दिल जीत लेता है।
एक सजी-धजी आधुनिक महफ़िल के बीच, जैसे ही अदिति वहाँ पहुँचती हैं, अपने आधुनिक आभूषणों की वजह से वे तुरंत सबकी नज़रों में आ जाती हैं। लोग आपस में बात करना बंद कर देते हैं, सबकी निगाहें उन पर ठहर जाती हैं। लोगों का ध्यान खींचने के लिए वे कोई दिखावा नहीं करतीं, बल्कि उनके पहने हुए हीरों की शानदार चमक ही सबका ध्यान अपनी ओर खींच लेती है। यह फिल्म बड़े अच्छे से दिखाती है कि हीरों की अनोखी चमक में लोगों को दीवाना बनाने और अपनी तरफ आकर्षित करने की कितनी बड़ी ताकत होती है।
इस पूरी कहानी को और भी शानदार बनाने के लिए मशहूर म्यूज़िक कंपोज़र मिकी मैक्लिअरी ने एक खास गाना तैयार किया है। यह गाना इंद्रिया की सिग्नेचर लाइन “दिल अभी भरा नहीं…” पर आधारित है। इस पुराने जाने-पहचाने गाने को आज के ज़माने के हिसाब से नए रूप में ढाला गया है। इसमें आज के म्यूज़िक के साथ-साथ पुराने समय की वही गहरी भावनाएँ जुड़ी हुई हैं। यह गाना एक खूबसूरत पल को हमेशा के लिए थाम लेने की चाहत को दिखाता है। इसके बोल उन लोगों की हैरानी को बयां करते हैं जो हीरे की तारों जैसी अनोखी चमक को देखते हैं और दंग होकर पूछते हैं कि ऐसी खूबसूरत चमक आखिर आई कहाँ से है। यह म्यूज़िक वीडियो में दिखने वाले दृश्यों के साथ बिल्कुल सटीक बैठता है और सुनने वालों को अपनी ओर खींच लेता है। साथ ही, यह गाना हम सबकी एक ही बात को दोहराता है: जब बात ज्वैलरी की हो, तो मन कभी नहीं भरता, हमेशा कुछ और पाने की चाहत बनी ही रहती है।
इंद्रिया के मार्केटिंग और विजुअल मर्चेंडाइजिंग हेड, शांतिस्वरूप पांडा ने कैंपेन के बारे में कहा, “हीरा उद्योग में हमेशा से गुणवत्ता को तकनीकी तौर-तरीकों से समझाया जाता रहा है, जिन पर ग्राहक भरोसा तो करते हैं लेकिन उन्हें आसानी से समझ नहीं पाते। ‘स्पार्कल लाइक नो अदर’ अभियान के ज़रिए हम इसी दूरी को कम करना चाहते थे। हम हीरों की तकनीकी सच्चाई को ग्राहकों के लिए एक बेहतरीन कहानी में बदलना चाहते थे। चमक वह पहली चीज़ है जिसे लोग हीरे में देखते हैं, फिर भी इसे कभी बातचीत में प्रमुखता नहीं दी गई। यह अभियान चमक को सिर्फ सुंदरता के रूप में नहीं, बल्कि गुणवत्ता की एक साफ दिखने वाली पहचान के रूप में पेश करता है। फिल्म, संगीत, हमारे स्टोर के अनुभवों और स्पार्कलस्कोप के ज़रिए हम ग्राहकों को एक ऐसा अनुभव दे रहे हैं, जिससे वे इस अंतर को खुद देख, महसूस कर और समझ सकें।”
ओगिल्वी इंडिया की सीनियर एग्जीक्यूटिव क्रिएटिव डायरेक्टर और क्रिएटिव हेड-ब्यूटी एंड लग्ज़री (वेस्ट), तनुजा भट्ट ने आगे कहा, “इंद्रिया डायमंड्स की एक अनूठी खासियत है, ये इस श्रेणी में सबसे ज़्यादा चमकने वाले हीरे हैं। इसलिए हमारा क्रिएटिव आइडिया बहुत सीधा और सरल था: ‘बेजोड़ चमक’। इस फिल्म को इंद्रिया डायमंड्स की बेहतरीन और चुनिंदा गुणवत्ता को दिखाने के लिए बनाया गया है, जो इसे देखने वाले हर इंसान की नज़रों को अपनी ओर खींच लेगी, और हीरों से प्यार करने वाले हर दिल को छू जाएगी।”
वैश्विक हीरा उद्योग के केंद्र में भारत है, जहाँ दुनिया के 90% से अधिक हीरों को सूरत और मुंबई जैसे क्षेत्रों में तराशा और पॉलिश किया जाता है। हालांकि भारत के पास यह गहरा अनुभव और कौशल है, फिर भी देश में हीरे के आभूषणों का इस्तेमाल और बाजार में पहुंच 15% से भी कम है। पारंपरिक रूप से हीरे की खरीदारी हमेशा तकनीकी विशिष्टताओं के आधार पर होती रही है, लेकिन इंद्रिया की ‘स्पार्कल स्टोरी’ इस फोकस को वास्तविक दुनिया के दृश्य प्रदर्शन पर ले जाती है। यह पारदर्शिता और भरोसे के माध्यम से ग्राहकों को हीरे की चमक का मूल्यांकन करने और सोच-समझकर निर्णय लेने में मदद करती है। पारंपरिक ग्रेडिंग मानकों को छोड़कर, इंद्रिया हीरों को परखने और चुनने के लिए एक नया तरीका अपनाता है। वे मुख्य रूप से यह देखते हैं कि कोई हीरा रोशनी को किस तरह सोखता है, मोड़ता है और बाहर भेजता है, ताकि उससे सबसे बेहतरीन चमक मिल सके। इस कड़े टेस्ट में हर 5 असली हीरों में से केवल 1 हीरा ही पास हो पाता है।
‘स्पार्कल लाइक नो अदर’ अभियान के साथ, इंद्रिया एक आधुनिक आभूषण के रूप में अपनी स्थिति को लगातार मजबूत कर रहा है। ब्रांड खूबसूरत रोज़मर्रा के आभूषणों से लेकर विशेष अवसरों, त्योहारों और शादियों के कलेक्शन तक, हीरे के आभूषणों की एक विस्तृत श्रृंखला पेश करता है। यह ब्रांड कारीगरी, नवाचार और उपभोक्ता शिक्षा का अनूठा मेल पेश करता है, साथ ही हीरा खरीदने के लिए अधिक पारदर्शी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है।
इस अभियान को सभी प्रचार माध्यमों के ज़रिए आगे बढ़ाया जा रहा है, जो ग्राहकों को जागरूकता से लेकर स्टोर में अनुभव प्राप्त करने तक का एक सहज और शानदार सफर प्रदान करता है।


