Flower Farming In Monsoon: देश के कई राज्यों में मानसून की दस्तक हो चुकी है तो वहीं बाकी राज्यों में इस हफ्ते झमाझम बारिश देखने को मिल सकती है. मानसून का जहां लोगों की जिंदगियों पर असर पड़ता है. वहीं खेती-किसानी के लिए भी यह एक बड़ा प्रॉफिट डिसाइडिंग फैक्टर होता है. ज्यादातर लोग इस मौसम में धान या मक्के की तरफ भागते हैं. लेकिन ज्यादा पानी से इन फसलों के डूबने का डर रहता है.
ऐसे में अगर आप कम रिस्क में तगड़ा मुनाफा चाहते हैं. तो फूलों की खेती आपके लिए बेस्ट रास्ता है. बरसात में फूलों की डिमांड इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि इसी दौरान त्योहारों का सीजन शुरू होने लगता है. मानसून में फूलों की बागवानी करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि सिंचाई का भारी-भरकम खर्चा पूरी तरह बच जाता है. जानें बरसात के इस मौसम में कौनसा फूल उगाना बेस्ट रहता है.
यह फूल इस मौसम में बेस्ट
बरसात के दिनों में खेती करने के लिए गेंदा यानी मैरीगोल्ड को सबसे बेस्ट माना जाता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह हर तरह की मिट्टी में आसानी से ढल जाता है और तेज बारिश को भी झेलने की ताकत रखता है. गेंदे के अलावा रजनीगंधा और मोगरा भी मानसून के मौसम में बहुत शानदार ग्रोथ दिखाते हैं.
गेंदे के पौधे आप जून या जुलाई के महीने में नर्सरी से लाकर खेत में लगा सकते हैं जो महज दो से ढाई महीने के भीतर पूरी तरह खिलकर तैयार हो जाते हैं. इन फूलों की देसी और हाइब्रिड वैरायटी मार्केट में आसानी से मिल जाती हैं. जिनमें पीले और गहरे नारंगी रंग के फूलों की मांग सबसे ज्यादा रहती है. यह फसल कम देखरेख में भी जबरदस्त पैदावार देती है.
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त्योहारों में रहती है डिमांड
मानसून में फूलों की खेती शुरू करने का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि आगे चलकर रक्षाबंधन, गणेश उत्सव, नवरात्रि और दिवाली जैसे बड़े त्योहार लगातार आते हैं. इस पूरे फेस्टिव सीजन में पूजा-पाठ और सजावट के लिए गेंदे और दूसरे फूलों की मांग कई गुना बढ़ जाती है. जिससे मार्केट में इनके बहुत ऊंचे दाम मिलते हैं.
इतनी होती है कमाई
कमाई की बात करें तो एक एकड़ में फूलों की खेती करके आप बहुत ही कम समय में लाखों का मुनाफा सीधे अपनी जेब में डाल सकते हैं. बस आपको एक बात का खास ख्याल रखना होगा कि खेत में पानी जमा न होने पाए. जलभराव को रोकने के लिए खेत में ड्रेनेज यानी जल निकासी का अच्छा इंतजाम रखें जिससे पौधों की जड़ें सड़ने से बची रहें.
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