Sunday, July 12, 2026
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मछली पालन के लिए किसान खरीदें एरेटर मशीन, 70% तक सब्सिडी दे रही सरकार


Subsidy On Fish Farming: मछली पालन में अच्छी कमाई सिर्फ बेहतर बीज और सही आहार से नहीं होती. बल्कि पानी की क्वालिटी भी उतनी ही अहम होती है. अगर तालाब में ऑक्सीजन का स्तर कम हो जाए तो मछलियों की ग्रोथ रुक सकती है और मौत का खतरा भी बढ़ जाता है. ऐसे में एरेटर मशीन किसानों के लिए काफी मददगार साबित होती है.

यह मशीन पानी में ऑक्सीजन बढ़ाने का काम करती है.जिससे मछलियां स्वस्थ रहती हैं और उत्पादन में भी सुधार आता है. अच्छी बात यह है कि बिहार सरकार अब मछली पालकों को एरेटर मशीन खरीदने पर 70 प्रतिशत तक सब्सिडी दे रही है. जान लीजिए किसान कैसे ले सकते हैं इस योजना का फायदा.

एरेटर मशीन से कैसे बढ़ता है मुनाफा?

एरेटर मशीन तालाब के पानी में लगातार ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करती है. जब पानी में घुलित ऑक्सीजन पर्याप्त रहती है तो मछलियां ज्यादा एक्टिव रहती हैं, उनकी ग्रोथ तेजी से होती है और बीमारियों का खतरा भी कम हो जाता है. गर्मियों या ज्यादा स्टॉकिंग वाले तालाबों में यह मशीन और भी ज्यादा जरूरी मानी जाती है. इससे पानी की क्वालिटी बेहतर बनी रहती है और मछलियों की मृत्यु दर कम होती है. 

इतनी मिल रही है सब्सिडी

अगर आप बिहार में मछली पालन कर रहे हैं और एरेटर मशीन खरीदना चाहते हैं तो सरकार की इस योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं. इस योजना में सामान्य वर्ग के किसानों को सरकार 50% तक की छूट दे रही है.

जबकि एससी, एसटी और अति पिछड़ा वर्ग के मछली पालकों को पूरे 70% तक का भारी सरकारी मदद दी जा रही है. यानी अगर टोटल खर्च 10.10 लाख रुपये प्रति एकड़ तय किया गया है. तो उसका 70 परसेंट हिस्सा खुद सरकार उठाएगी. आपको अपनी जेब से सिर्फ 30% ही लगाना पड़ेगा.

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ऐसे करें आवेदन

योजमा में जो किसान आवेदन करना चाहते हैं वह विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट fisheries.bihar.gov.in पर जाकर घर बैठे अपना ऑनलाइन आवेदन सबमिट कर सकते हैं या फिर अपने लोकल जिला मत्स्य कार्यालय में जाकर पूरी डिटेल ले सकते हैं. 

इन दस्तावेजों की होगी जरूरत

आवेदन के लिए बस आपके पास आधार कार्ड, बैंक खाता, तालाब का ओनरशिप प्रूफ या लीज का एग्रीमेंट जैसे जरूरी डॉक्युमेंट्स होने चाहिए. बिना देरी किए इस सरकारी ऑफर का फायदा उठाइए अपने तालाब में मॉडर्न एरेटर मशीन लगाइए.

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