Vegetables Farming In Monsoon: मानसून का मौसम सिर्फ धान और मक्का जैसी फसलों के लिए नहीं है. अगर किसान सही तरीका अपनाएं तो इस मौसम में कई सब्जियों की खेती करके भी अच्छी कमाई कर सकते हैं. बारिश के दौरान मिट्टी में बढ़िया नमी रहती है. जिससे कई सब्जियों की बढ़वार तेज होती है और सिंचाई पर खर्च भी कम आता है. हालांकि बेहतर उत्पादन के लिए मौसम के अनुसार सही फसल चुनना जरूरी है.
मानसून में कुछ सब्जियां ऐसी हैं जिनकी बाजार में लगातार मांग बनी रहती है और सही समय पर बुवाई करने से किसानों को अच्छा उत्पादन मिलने की संभावना बढ़ जाती है. अगर खेत में पानी निकलने का सही इंतजाम हो और समय पर देखभाल की जाए तो यह मौसम एक्स्ट्रा इनकम आय कमाने का बढ़िया मौका साबित हो सकता है. जान लें इस मौसम कौनसी सब्जियां उगाईं जा सकती हैं.
भिंडी, लौकी और तोरई की रहती है डिमांड
बारिश के सीजन में बेल वाली सब्जियां जैसे लौकी, तोरई, करेला और साथ में भिंडी की डिमांड मार्केट में सबसे ज्यादा रहती है. इन सब्जियों की सबसे बढ़िया बात यह है कि ये बुवाई के 45 से 50 दिनों के अंदर ही फल देना शुरू कर देती हैं.
मचान विधि से फायदा
अगर आप इन्हें मचान विधि से उगाते हैं तो बारिश के पानी से फल सड़ते भी नहीं हैं और उनकी क्वालिटी भी एकदम चमकीली और अच्छी बनी रहती है. जैसे ही आप इन्हें मंडी लेकर पहुंचेंगे व्यापारी हाथों-हाथ अच्छे दामों में खरीद लेंगे.
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यह सब्जियां भी दिलाती हैं मुनाफा
बारिश के मौसम में भिंडी, हरी मिर्च और सेम की खेती भी किसानों के लिए फायदेमंद मानी जाती है. इन सब्जियों की मांग स्थानीय मंडियों से लेकर खुदरा बाजार तक लगातार बनी रहती है. अगर आप बाजार की मांग को ध्यान में रखकर अलग अलग सब्जियों की खेती करते हैं तो रिस्क भी काफी कम होता है और एक ही सीजन में अलग-अलग जगहों से बढ़िया इनकम हो जाती है.
इन बातों का रखना होता है ध्यान
मानसून में सब्जियों की खेती करते वक्त सबसे ज़्यादा ध्यान आपको खेत के ढाल और पानी के निकास पर देना होगा. अगर खेत में पानी रुका तो पौधों की जड़ें सड़ने का पूरा खतरा रहता है. इसलिए हमेशा उठी हुई क्यारियों पर ही बीज लगाएं जिससे कि फालतू पानी आसानी से बाहर निकल जाए. इसके अलावा सही समय पर बुवाई करना बहुत ज़रूरी होता है जिससे आपकी फसल तब मार्केट में पहुंचे जब भाव सबसे ज़्यादा तेज़ी पर हों.
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