
राष्ट्रीय गोकुल मिशन डेयरी सेक्टर के लिए एक बहुत बड़ी योजना है. इसके तहत उन्नत नस्ल की गायों और भैंसों की ब्रीडिंग को बढ़ावा देने के लिए तगड़ी सब्सिडी दी जाती है. अगर आप साइलेज मेकिंग, शेड निर्माण या ब्रीडिंग फार्म खोलना चाहते हैं. तो सरकार आपको 50% तक का भारी डिस्काउंट और प्रोजेक्ट में वित्तीय मदद मुहैया कराती है.

अगर आपके पास फंड की कमी है तो पशु किसान क्रेडिट कार्ड आपके लिए एकदम परफेक्ट ऑप्शन है. इसमें आपको बिना किसी गारंटी के बेहद कम ब्याज दर पर 1.60 लाख रुपये तक का लोन मिल जाता है. इस पैसे का इस्तेमाल आप चारे की खरीदारी, दवाइयों के खर्च या पशुओं की देखभाल के लिए आसानी से कर सकते हैं.

डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड का फायदा बड़े पैमाने पर काम करने वाले किसानों को मिलता है. अगर आप मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट लगाना चाहते हैं, दूध को ठंडा रखने के लिए चिलिंग प्लांट या पैकेजिंग मशीनरी लगाना चाहते हैं, तो इस योजना के जरिए आपको बहुत कम ब्याज दर पर करोड़ों रुपये का लोन और सब्सिडी मिल जाती है.

अब अपने नजदीकी बैंकों से पशुपालन अवसंरचना विकास निधि का लाभ उठाकर आप खुद का डेयरी ब्रांड भी बना सकते हैं. इसमें प्राइवेट कंपनियों और किसान उत्पादक संगठनों को इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने के लिए प्रोजेक्ट कॉस्ट पर 3% की ब्याज छूट मिलती है. इससे आपका बिजनेस काफी तेजी से ग्रो कर सकता है और मुनाफा भी बढ़ता है.

ज्यादातर राज्यों में महिलाओं और SC/ST वर्ग के किसानों को स्पेशल सब्सिडी देने का प्रावधान है. जब भी आप पशु खरीदने जाएं या शेड बनाएं अपने जिले के पशुपालन विभाग में जाकर योजनाओं की पूरी लिस्ट जरूर चेक करें. कई बार राज्य सरकारें केंद्र की योजनाओं के ऊपर से भी एक्स्ट्रा 10% से 20% तक की छूट दे देती हैं.

इन सभी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आपके पास आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक और जमीन के कागज होना बहुत जरूरी है. आवेदन करने के लिए आप अपने पास के कृषि विज्ञान केंद्र, पशु चिकित्सा अस्पताल या राज्य के ऑफिशियल पोर्टल पर विजिट कर सकते हैं. सही डॉक्यूमेंट्स तैयार रखकर आप बिना किसी परेशानी के योजना का फायदा उठा सकते हैं.
Published at : 24 Jul 2026 02:53 PM (IST)


