ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि PM नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मिलकर और चुनाव आयोग का इस्तेमाल कर हमें चुनाव में हराया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह वापसी करेंगी। उन्होंने साफ लहजे में कहा, हम फिर वापस लौटेंगे।

TOPSHOT – Mamata Banerjee, chief minister of India’s West Bengal state and All India Trinamool Congress (TMC) party chairperson addresses supporters during a public gathering held to mark Martyrs� Day in Kolkata on July 21, 2025. (Photo by Dibyangshu SARKAR / AFP)
Mamata Banerjee Press Conference: तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेन्स में कहा कि उनकी पार्टी चुनाव हारी नहीं है बल्कि हराई गई है। कोलकाता में उन्होंने बांग्ला में कहा, “हम हारे नहीं बल्कि हमें हराया गया है।” उन्होंने ये भी कहा कि ये लड़ाई भाजपा से नहीं थी बल्कि चुनाव आयोग से थी। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मिलकर और चुनाव आयोग का इस्तेमाल कर हमें चुनाव में हराया है।
हालांकि, उन्होंने कहा कि वह वापसी करेंगी। उन्होंने साफ लहजे में कहा, “हम फिर वापस लौटेंगे।” उन्होंने कहा कि नैतिक तौर पर हमारी जीत हुई है। ममता ने आरोप लगाया कि इस खेल में चुनाव आयोग सबसे बड़ा विलेन है, जिसने एकतरफा काम किया। उन्होंने कहा कि ये बांग्ला का काला इतिहास है। इसके साथ ही टीएमसी चीफ ने कहा कि हमारी लड़ाई जारी रहेगी लेकिन उन्होंने अभी अपनी रणनीति का खुलासा नहीं किया।
ममता बनर्जी ने ये आरोप भी लगाया कि TMC दफ्तर को घेरने और उस पर कब्जा करने की कोशिश की गई है। उन्होंने मतगणना केंद्र पर मारपीट करने के भी आरोप लगाए और कहा कि उन्हें काउंटिंग सेंटर में घुसने नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि उनकी पीठ पर लात तक मारी गई। ममता ने दावा किया कि यह चुनाव परिणाम जनता का वास्तविक जनादेश नहीं, बल्कि एक साजिश का नतीजा है।
उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ”मेरे इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि हमारी हार जनता के जनादेश से नहीं, बल्कि एक साजिश के तहत हुई है।… मैं हारी नहीं हूं, मैं लोक भवन नहीं जाऊंगी। वे संवैधानिक मानदंडों के अनुसार कार्रवाई कर सकते हैं।” बनर्जी ने मतगणना प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए दावा किया कि लगभग 100 सीट पर जनादेश को ‘लूट’ लिया गया और उनकी पार्टी का मनोबल गिराने के लिए जानबूझकर मतगणना धीमी की गई। उन्होंने कहा, ”इतिहास में एक काला अध्याय जुड़ गया है।”
णमूल कांग्रेस प्रमुख ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करने का आरोप लगाया।बनर्जी ने चुनाव के बाद हुई हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने और जमीनी स्थिति का आकलन करने के लिए 10 सदस्यीय तथ्यान्वेषी समिति के गठन की भी घोषणा की। उन्होंने 2021 में चुनाव के बाद हुई हिंसा के आरोपों को निराधार बताया।
बनर्जी ने कहा कि चुनाव परिणामों के बाद विपक्षी दलों के ‘इंडिया’ गठबंधन (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव एलायंस) के कई नेताओं ने उनसे संपर्क कर एकजुटता व्यक्त की।उन्होंने कहा, ”विपक्षी दलों के ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं ने मुझे फोन करके एकजुटता व्यक्त की। सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने भी मुझसे बात की है।” बनर्जी ने कहा कि अब उनका ध्यान राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन को मजबूत करने पर होगा। भाजपा ने 207 सीट जीतकर 294 सदस्यीय विधानसभा में निर्णायक बहुमत हासिल किया और राज्य में तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन का अंत कर दिया।


