
सरकार की योजना के तहत किसानों को मोरिंगा उगाने की एडवांस ट्रेनिंग दी जाएगी और उन्हें 1000 पौधे बिल्कुल मुफ्त में भी मिलेंगे. अगर आप पारंपरिक फसलों से हटकर कुछ नया और ज्यादा मुनाफा देने वाला एग्री-बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो यह मौका आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है.

सहजन यानी मोरिंगा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके पत्ते, फलियां और यहां तक कि फूल भी मार्केट में हाथों-हाथ बिक जाते हैं. सुपरफूड की कैटेगरी में आने की वजह से देश के साथ-साथ विदेशों में भी इसकी तगड़ी डिमांड है.

ट्रेनिंग प्रोग्राम के दौरान कृषि एक्सपर्ट्स आपको मिट्टी की तैयारी से लेकर पौधे लगाने, कटाई और पत्तियों को सुखाने का सही तरीका सिखाएंगे. इस वर्कशॉप में आपको यह भी बताया जाएगा कि कैसे सहजन के पाउडर और अन्य बाय-प्रोडक्ट्स बनाकर आप लोकल मार्केट के अलावा बड़ी कंपनियों को भी अपना माल आसानी से सप्लाई कर सकते हैं.

ट्रेनिंग पूरी करने वाले हर किसान को सरकार की तरफ से सहजन के 1000 हाई-क्वालिटी पौधे फ्री में दिए जाएंगे. इतने पौधे एक छोटे खेत या फार्म हाउस के एक हिस्से में लगाने के लिए काफी हैं. शुरुआत में पौधे मुफ्त मिलने से किसानों का शुरुआती खर्च लगभग जीरो हो जाता हैय

मोरिंगा की फसल बहुत कम पानी और कम देखभाल में भी बंपर पैदावार देती है. एक बार पौधा लगाने के बाद यह कई सालों तक लगातार फलियां और पत्तियां देता रहता है. सूखाग्रस्त इलाकों में भी इसकी खेती आसानी से की जा सकती है. जिससे छोटे और सीमांत किसानों को हर महीने फिक्स्ड इनकम मिलने लगती है.

अगर आप भी इस सरकारी फ्री ट्रेनिंग और मुफ्त 1000 पौधों की स्कीम का फायदा उठाना चाहते हैं. तो तुरंत अपने नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र या कृषि विभाग में संपर्क करें. अपनी जमीन के कागजात और आधार कार्ड के साथ आवेदन करके इस योजना से जुड़ें और सहजन की स्मार्ट खेती से अपनी कमाई बढ़ाएं.
Published at : 26 Jul 2026 01:34 PM (IST)


