India vs Pakistan Agriculture Schemes : भारत और पाकिस्तान दोनों ही देशों की बड़ी आबादी खेती पर निर्भर करती है. ऐसे में किसानों को आर्थिक मदद, सस्ती खेती की सुविधाएं और सरकारी योजनाएं देना किसी भी सरकार की बड़ी जिम्मेदारी मानी जाती है. भारत में किसानों के लिए कई तरह की योजनाएं चलाई जाती हैं, लेकिन अक्सर लोगों के मन में सवाल उठता है कि क्या पाकिस्तान में भी किसानों के लिए इसी तरह की सरकारी योजनाएं मौजूद हैं. तो आइए आज जानते हैं कि भारत की तरह क्या पाकिस्तान में भी किसान हितैषी योजनाएं चलती हैं.
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में खेती कितनी जरूरी है?
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र का बड़ा योगदान है. आंकड़ों के अनुसार, देश की जीडीपी में कृषि की हिस्सेदारी करीब 19 से 22 प्रतिशत है, जबकि 38 से 42 प्रतिशत लोग सीधे खेती और इससे जुड़े कामों पर निर्भर हैं. गेहूं, चावल, गन्ना और कपास वहां की प्रमुख फसलें हैं. ऐसे में खेती को मजबूत बनाए रखने के लिए सरकार समय-समय पर किसानों के लिए कई सहायता योजनाएं लागू करती है.
भारत की तरह क्या पाकिस्तान में भी किसान हितैषी योजनाएं चलती हैं?
पाकिस्तान में केंद्र और प्रांतीय सरकारें किसानों को राहत देने के लिए अलग-अलग योजनाएं चलाती हैं. इन योजनाओं का उद्देश्य खेती की लागत कम करना, उत्पादन बढ़ाना और किसानों को आर्थिक सहायता देना है. सरकार किसानों को उर्वरक, बीज, कृषि मशीनरी और सिंचाई सुविधाओं पर सब्सिडी देने के साथ-साथ आसान कृषि लोन भी उपलब्ध कराती है.
ये हैं पाकिस्तान की प्रमुख किसान योजनाएं
पाकिस्तान में पीएम किसान पैकेज, किसान कार्ड प्रोग्राम, कृषि सब्सिडी योजनाएं और कृषि ऋण योजनाएं प्रमुख सरकारी कार्यक्रमों में शामिल हैं. पंजाब सरकार का किसान कार्ड प्रोग्राम किसानों को रियायती दरों पर खाद और बीज खरीदने की सुविधा देता है. वहीं पीएम किसान पैकेज के तहत खेती के लिए आर्थिक सहायता, कृषि उपकरणों पर मदद और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जाता है. इसके अलावा सरकार ट्रैक्टर खरीदने पर सब्सिडी और सोलर ट्यूबवेल जैसी योजनाएं भी चलाती है.
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कृषि लोन और सब्सिडी से मिलती है राहत
पाकिस्तान में किसानों को कम ब्याज पर कृषि लोन उपलब्ध कराने के लिए कई बैंक काम करते हैं. इन लोन की मदद से किसान फसल उत्पादन, कृषि मशीनरी खरीदने और आधुनिक खेती अपनाने में निवेश कर सकते हैं. इसके साथ ही खाद, बीज, कीटनाशक, सिंचाई उपकरण और कृषि मशीनों पर मिलने वाली सब्सिडी किसानों की लागत कम करने में मदद करती है.
योजनाओं का फायदा लेने के लिए क्या करना होता है?
सरकारी योजनाओं का फायदा लेने के लिए किसानों को आमतौर पर कृषि विभाग में रजिस्ट्रेशन कराना होता है. इसके लिए पहचान पत्र, जमीन के डॉक्यूमेंट्स या खेती से जुड़े रिकॉर्ड जमा करने पड़ते हैं. कई योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे पात्र किसान सीधे सरकारी सहायता मिल सकती हैं.
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