आईआईटी प्रवेश परीक्षा जेईई एडवांस्ड में तीन अटेम्प्ट देने की मांग तेज होती जा रही है। आईआईटी की ड्रीम सीट पाने के लिए जेईई अभ्यर्थियों ने तीसरे प्रयास की मांग को लेकर सोशल मीडिया पर अपना अभियान तेज कर दिया है।
आईआईटी प्रवेश परीक्षा जेईई एडवांस्ड में तीन अटेम्प्ट देने की मांग तेज होती जा रही है। आईआईटी की ड्रीम सीट पाने के लिए जेईई अभ्यर्थियों ने तीसरे प्रयास की मांग को लेकर सोशल मीडिया पर अपना अभियान तेज कर दिया है। छात्रों बीते कई दिनों से ज्वाइंट एडमिशन बोर्ड (JAB) और IIT संस्थानों से मौजूदा दो प्रयासों की सीमा पर पुनर्विचार करने की अपील कर रहे हैं। इसके लिए ऑनलाइन याचिका शुरू की गई है, जिस पर 10,000 से अधिक हस्ताक्षर हो चुके हैं। अभियान चलाने वाले छात्रों का लक्ष्य 15,000 हस्ताक्षर जुटाना है।
वर्तमान में उम्मीदवारों को दो लगातार वर्षों में अधिकतम दो बार JEE Advanced में शामिल होने की अनुमति है। छात्रों की मांग है कि या तो तीन लगातार वर्षों में तीन प्रयास की अनुमति दी जाए या तीन लगातार वर्षों के भीतर दो प्रयास करने का विकल्प दिया जाए। छात्रों का कहना है कि सभी अभ्यर्थियों को JEE की तैयारी के लिए समान संसाधन और समय नहीं मिलता। ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के कई छात्रों को 12वीं के बाद ही गंभीर तैयारी शुरू करने का अवसर मिलता है, जबकि कुछ छात्रों को इससे काफी पहले कोचिंग और गाइडेंस उपलब्ध हो जाती है। छात्रों ने आर्थिक कठिनाइयों, पारिवारिक जिम्मेदारियों, सीमित शैक्षणिक संसाधनों और तैयारी के लिए अपर्याप्त समय को भी अपनी मांग के पीछे प्रमुख कारण बताया है।
छात्रों का कहना है कि वे IIT प्रवेश परीक्षा को आसान बनाने या उसका स्तर घटाने की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि योग्य छात्रों को अपनी क्षमता साबित करने का एक अतिरिक्त अवसर चाहते हैं।
छात्रों ने JEE Advanced में तीसरा प्रयास शुरू करने के पीछे क्या क्या तर्क दिए, यहां पढ़ें 10 अहम तर्क
1-तैयारी के लिए अधिक समय: JEE Advanced में कॉन्सेप्ट, एनालिटिकल थिंकिंग और प्रॉब्लम-सॉल्विंग की गहरी समझ चाहिए। कुछ छात्रों को इसे विकसित करने में एक अतिरिक्त वर्ष लग सकता है।
2-सभी छात्रों को समान संसाधन नहीं मिलते: ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के छात्रों को कोचिंग, गाइडेंस और बेहतर स्टडी रिसोर्स देर से मिलते हैं।
3-12वीं के बाद शुरू होती है गंभीर तैयारी: कई छात्रों का तर्क है कि वे 12वीं पूरी करने के बाद ही गंभीरता से JEE की तैयारी शुरू कर पाते हैं, जबकि कुछ छात्रों को पहले से कोचिंग और मार्गदर्शन मिल जाता है।
4-आर्थिक और पारिवारिक परिस्थितियां: आर्थिक समस्याएं, परिवार की जिम्मेदारियां और पर्याप्त शैक्षणिक सुविधाओं का अभाव तैयारी को प्रभावित कर सकता है।
5-एक दिन की परीक्षा पर निर्भरता: JEE Advanced एक हाई-प्रेशर परीक्षा है। स्वास्थ्य समस्या, परीक्षा का तनाव या छोटी गलती भी उस दिन के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है। छात्रों का कहना है कि दो प्रयास हमेशा उनकी वास्तविक क्षमता नहीं दिखा सकते।
6-JEE Main और Advanced के नियमों में अंतर: छात्रों ने सवाल उठाया है कि जब JEE Main में अधिक अवसर मिलते हैं, तो JEE Advanced में केवल दो लगातार प्रयासों की सीमा क्यों हो।
7-तीसरा प्रयास सीटें नहीं बढ़ाएगा: छात्रों का कहना है कि अतिरिक्त प्रयास से IIT की सीटों की संख्या नहीं बढ़ेगी और न ही परीक्षा का स्तर बदलेगा। JEE Main के जरिए होने वाली स्क्रीनिंग भी जारी रहेगी।
8-प्रतियोगिता बढ़ने की चिंता का जवाब: छात्रों के अनुसार तीसरा प्रयास किसी को अनुचित लाभ नहीं देगा, क्योंकि सभी उम्मीदवारों के लिए परीक्षा और मूल्यांकन की प्रक्रिया समान रहेगी।
9-कोविड काल का उदाहरण: कोविड-19 के दौरान JEE Advanced में अतिरिक्त प्रयास की व्यवस्था की गई थी। छात्रों का तर्क है कि इससे साबित हुआ कि सिस्टम अतिरिक्त प्रयास को संभाल सकता है और इससे परीक्षा के मानकों से समझौता जरूरी नहीं है।
10-दूसरा ड्रॉप लेने वाले छात्रों को अवसर: विशेष रूप से वे छात्र तीसरे प्रयास की मांग कर रहे हैं जो दो बार परीक्षा दे चुके हैं और एक और वर्ष की तैयारी के बाद बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद रखते हैं।


