15 सितंबर को स्कूल बंद रहेंगे या नहीं? IMD ने भारी से अत्यंत भारी बारिश को लेकर कई राज्यों में अलर्ट जारी किया है। अपने राज्य का हाल जानें।
सितंबर महीने में मानसून की लगातार हो रही बारिश और त्योहारों के बीच छात्रों और उनके माता-पिता के मन में सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि कल स्कूल बंद रहेंगे या खुले? मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को लेकर देशभर के विभिन्न राज्यों से स्कूल की छुट्टियों को लेकर ताजा अपडेट सामने आए हैं।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों के लिए भारी बारिश का अनुमान और रेड व ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पूरे देश में 15 सितंबर को कोई नेशनवाइड स्कूल छुट्टी घोषित नहीं की गई है। अधिकांश राज्यों में स्कूल नियमित अपने टाइम-टेबल के अनुसार ही संचालित होंगे। हालांकि, भारी बारिश, जलभराव और लैंडस्लाइड प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन द्वारा स्थानीय स्तर पर स्कूल बंद रखने के आदेश दिए जा सकते हैं।
राज्य-वार स्कूल छुट्टी की स्थिति
दिल्ली-एनसीआर: दिल्ली, नोएडा, गाज़ियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में 15 सितंबर को स्कूलों में कोई सामान्य छुट्टी नहीं है। सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल सामान्य रूप से खुलेंगे।
उत्तर प्रदेश और बिहार: उत्तर प्रदेश और बिहार में भी 15 सितंबर को पूरे राज्य के लिए स्कूल बंद रखने का कोई आदेश नहीं है। केवल अत्यधिक जलभराव वाले कुछ क्षेत्रों में ही स्थानीय आदेश लागू हो सकते हैं।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश: पहाड़ी राज्यों में मानसूनी बारिश और लैंडस्लाइड के जोखिम को देखते हुए स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। पूरे राज्य के लिए स्कूल बंद रहने का आदेश नहीं है, लेकिन जिला मजिस्ट्रेट (DM) अपने स्तर पर संवेदनशील इलाकों में स्कूल बंद रखने के आदेश जारी कर सकते हैं।
राजस्थान और पश्चिम बंगाल: दोनों राज्यों में 15 सितंबर को नियमित कक्षाएं चलेंगी और सभी स्कूल खुले रहेंगे।
ओडिशा : ओडिशा में 15 सितंबर को नुआखाई का पर्व मनाया जा रहा है। राज्य स्तर पर पूरे राज्य के लिए छुट्टी का आदेश जारी नहीं हुआ है, लेकिन नुआखाई के उपलक्ष्य में या स्थानीय बारिश के कारण कुछ चुनिंदा जिलों के कलेक्टर अलग से छुट्टी घोषित कर सकते हैं।
अधिकारी स्कूल बंद करने का निर्णय क्यों लेते हैं?
प्रशासन बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देता है। जब जलभराव के कारण सड़कें बंद हो जाती हैं, नदियां उफान पर होती हैं, बिजली कड़कने और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा होता है, या बसों का चलना असुरक्षित हो जाता है, तब एहतियात के तौर पर स्कूलों को बंद करने का फैसला लिया जाता है।
छात्रों के लिए जरूरी सलाह
मौसम के अचानक बदलने और बारिश की चेतावनी के कारण कई बार जिला प्रशासन देर रात या तड़के ही स्कूल बंद करने के आदेश जारी करता है। इसलिए सुबह स्कूल निकलने से पहले अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे स्कूल के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप, नोटिस बोर्ड या मोबाइल ऐप के मैसेज चेक करें। स्थानीय समाचारों और जिला मजिस्ट्रेट (DM) के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर नजर रखें। अपने क्षेत्र के मौसम चेतावनी की जानकारी रखें। कुल मिलाकर, यदि आपके इलाके में कोई गंभीर मौसम चेतावनी नहीं है, तो 15 सितंबर को आपकी नियमित कक्षाएं आयोजित की जाएंगी।


