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बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने विद्यालयों व कॉलेजों को निर्देशित किया है कि वैसे छात्र-छात्राएं जिनका अनुपस्थिति की वजह से नामांकन रद्द हो चुका है। वैसे छात्र-छात्राओं को किसी भी सूरत में प्रायोगिक परीक्षा में शामिल नहीं होने दिया जाएगा।
बोर्ड ने कहा है कि वैसे सभी छात्र-छात्राएं जिनका नामांकन पंजी से नाम काट दिया गया है, उनका समिति के स्तर से निर्गत इंटर वार्षिक प्रैक्टिकल परीक्षा 2024 का प्रवेश पत्र निरस्त किया जाता है।
प्रायोगिक परीक्षा के केंद्राधीक्षक एवं सभी प्लस टू स्तरीय शिक्षण संस्थान के प्रधान एवं जिला शिक्षा पदाधिकारियों को समिति ने निर्देश जारी कर कहा है कि किसी भी परिस्थिति में ऐसे छात्रों को प्रायोगिक परीक्षा में सम्मिलित नहीं कराया जाएगा। सभी शिक्षण संस्थानों के प्रधान अपने संस्थान के नामांकन रद्द किये गये छात्रों की सूची मंगलवार शाम तक सभी प्रायोगिक परीक्षा केंद्र के केंद्राधीक्षक को उपलब्ध कराने को कहा था।
वहीं, उच्च माध्यमिक परीक्षा नियंत्रक ने कहा है कि यदि किसी शिक्षण संस्थान या प्रायोगिक परीक्षा केंद्र के द्वारा वैसे छात्रों को प्रायोगिक परीक्षा में शामिल कराती है, तो उसकी पूर्ण जवाबदेही संस्थान के प्रधान एवं संबंधित प्रैक्टिकल परीक्षा केंद्राधीक्षक की होगी।
लगातार अनुपस्थित रहने वाले कई छात्र का नामांकन रद्द किया गया
इस संबंध में समिति ने सभी विद्यालयों के प्राचार्य को पत्र जारी कर दिया है। समिति ने कहा है कि इंटर प्रैक्टिकल परीक्षा 10 से 20 जनवरी तक सभी जिलों में निर्धारित विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर संचालित होगी। इस परीक्षा के लिए 26 दिसंबर को एडमिट कार्ड जारी किया गया था, लेकिन शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए छात्रों की कक्षा में 75 प्रतिशत उपस्थिति आवश्यक है।
इस क्रम में राज्य के प्लस टू स्तरीय शिक्षण संस्थानों के द्वारा, कक्षा से लगातार अनुपस्थित रहने वाले कई छात्रों का नामांकन रद्द किया गया है। इंटर परीक्षा में शामिल जिन छात्रों का नामांकन रद्द हुआ है वैसे सभी छात्रों का इंटर वार्षिक परीक्षा में सम्मिलित नहीं कराया जाएगा। इस संबंध में सभी विद्यालय व प्लस टू कॉलेज के प्राचार्य व जिला शिक्षा पदाधिकारियों को ध्यान देना होगा।


