One Nation One Election: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ विचार पर हमला बोला.उन्होंने इसे “संविधान की मूल संरचना को नष्ट करने और एक लोकतांत्रिक में निरंकुशता की अनुमति देने के लिए एक प्रणाली बनाने की योजना” करार देते हुए, इसे नकार दिया है. टीएमसी प्रमुख बनर्जी ने लोकसभा व विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की अवधारणा पर असहमति जताते हुए गुरुवार को ‘एक देश, एक चुनाव’ पर उच्च स्तरीय समिति को पत्र लिखा और इसे भारत के संवैधानिक बुनियादी ढांचे के खिलाफ बताया.
समिति के सचिव को लिखे पत्र में सीएम ममता ने कहा कि 1952 में केंद्र और राज्य स्तर पर एक साथ पहली बार आम चुनाव कराए गए थे. कुछ वर्षों तक इस तरह से चला लेकिन बाद में यह प्रक्रिया टूट गई थी. मुझे खेद है कि मैं आपके द्वारा तैयार ‘एक देश, एक चुनाव’ की अवधारणा से सहमत नहीं हूं. हम आपके सूत्रीकरण और प्रस्ताव से असहमत हैं.
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केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की कटु आलोचक बंगाल की मुख्यमंत्री बनर्जी ने सरकार पर देश की संघीय शासन संरचना को नष्ट करने का आरोप लगाया है. केंद्र पर व्यंग्य करते हुए ममता ने कहा कि ऐसा लगता है कि आप किसी तरह का संदेश देना चाहते हैं. ऐसा लगता है कि यह केंद्र सरकार द्वारा लिया गया एक तरफा ‘टॉप-डाउन निर्णय’ है.

पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द के नेतृत्व वाली एक उच्च-स्तरीय समिति के सचिव डॉ नितेन चंद्रा को एक विस्तृत पत्र लिखा है, जिसने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ विचार के कार्यान्वयन के लिए सुझाव मांगे हैं. ममता ने कहा कि आपके इस सुझाव में दो प्रकार की कठिनाईंयां है पहली- इस सिद्धांत के बेसिक कॉन्सेप्ट और दूसरा इसके मेथोडोलॉजिकल अप्रोच.
सीएम ममता बनर्जी ने इसे लेकर दो इश्यू सामने रखें हैं- पहला ‘एक राष्ट्र’ शब्द का संवैधानिक और संरचनात्मक निहितार्थ और दूसरा संसदीय और विधानसभा चुनावों के समय अंताराल.
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Tags: Mamata Bannerjee, One Nation One Election, PM Modi
FIRST PUBLISHED : January 11, 2024, 17:02 IST


