Abhijeet Dipke Education Background: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पुणे से जर्नलिज्म और अमेरिका की प्रतिष्ठित बोस्टन यूनिवर्सिटी से मास्टर्स किया है। जानिए उनके करियर की पूरी कहानी।
Abhijeet Dipke Educational Qualification: आजकल सोशल मीडिया से लेकर दिल्ली की सड़कों तक एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है—अभिजीत दीपके। NEET परीक्षा की गड़बड़ियों, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर लाखों युवाओं की आवाज बने 30 वर्षीय अभिजीत ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जनता की आवाज उठाने वाले और इंटरनेट पर मीम्स के जरिए कड़े सवाल पूछने वाले अभिजीत दीपके खुद कितने पढ़ें-लिखें हैं और उन्होंने कहां से पढ़ाई की है?
महाराष्ट्र के औरंगाबाद से स्कूली शिक्षा और पुणे से ग्रेजुएट
महाराष्ट्र के औरंगाबाद (छत्रपति संभाजीनगर) के रहने वाले अभिजीत दीपके की शुरुआती पढ़ाई-लिखाई बहुत अच्छी रही है। बचपन से ही सामाजिक और राजनीतिक विषयों में रुचि रखने वाले अभिजीत ने अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए महाराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी पुणे का रुख किया। पुणे के प्रतिष्ठित संस्थान से उन्होंने पत्रकारिता में ग्रेजुएशन की डिग्री पूरी की। जर्नलिज्म की पढ़ाई के दौरान उन्होंने मीडिया के सिद्धांतों, पब्लिक कम्युनिकेशन, राजनीतिक रिपोर्टिंग और देश की शासन व्यवस्था के कामकाज को बहुत करीब से देखा और समझा।
अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी से हासिल की मास्टर्स डिग्री
पुणे से जर्नलिज्म की डिग्री हासिल करने के बाद अभिजीत का सफर यहीं नहीं रुका। अपने ज्ञान और कौशलों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर निखारने के लिए वे संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) चले गए। वहां उन्होंने दुनिया की जानी-मानी बोस्टन यूनिवर्सिटी (Boston University) के कॉलेज ऑफ कम्युनिकेशन में दाखिला लिया। अभिजीत ने बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशन (PR) में साइंस ऑफ मास्टर्स (M.S.) की डिग्री प्राप्त की। अमेरिका में पढ़ाई के दौरान उन्होंने सीखा कि आधुनिक दौर में डिजिटल मीडिया रणनीतियों, मैसेजिंग और स्ट्रेटेजिक कम्युनिकेशन के जरिए आम लोगों की सोच को कैसे प्रभावित किया जा सकता है।
राजनीतिक अभियानों और डिजिटल मीडिया का अनुभव
अमेरिका से पढ़ाई पूरी करके भारत लौटने के बाद अभिजीत ने अपने ज्ञान का उपयोग शुरू किया। साल 2020 से 2023 के बीच उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) की सोशल मीडिया टीम के लिए काम किया। इसके अलावा उन्होंने दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग में बतौर कम्युनिकेशन एडवाइजर अपनी सेवाएं दीं। 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनावों के दौरान उन्होंने डिजिटल और मीम-आधारित अभियानों को डिजाइन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे उन्हें यह समझ में आया कि युवा वर्ग को जोड़ने के लिए इंटरनेट कितना प्रभावी हो सकता है।
कैसे हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) की शुरुआत?
यह पूरी कहानी एक तंज से शुरू हुई थी। मुख्य न्यायाधीश द्वारा बेरोजगार युवाओं पर की गई एक टिप्पणी के जवाब में अभिजीत ने सोशल मीडिया पर मजाक-मजाक में लिखा, “क्या होगा अगर देश के सारे कॉकरोच एक साथ आ जाएं?”
इसके बाद उन्होंने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) की नींव रखी। देखते ही देखते यह डिजिटल अभियान इतना वायरल हो गया कि कुछ ही दिनों में इंस्टाग्राम पर इनके करोड़ों फॉलोअर्स हो गए। जो शुरुआत एक इंटरनेट सटायर व्यंग्य से हुई थी, वह जल्द ही NEET-UG परीक्षा पेपर लीक से परेशान देश के लाखों छात्र-छात्राओं का सबसे बड़ा मंच बन गई।
छात्रों की मांगों को लेकर सड़क पर उतरे
NEET परीक्षा में हुई गड़बड़ियों और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कमियों के खिलाफ अभिजीत दीपके ने छात्रों को एकजुट किया। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हजारों छात्रों के साथ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और परीक्षा तंत्र में कड़े सुधारों की मांग की।


